By J Mahto
Telgadia: चंदनकियारी प्रखंड के सिलफोर पंचायत अंतर्गत पड़ुवा में कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा की ओर से एकदिवसीय दिवारात्रि जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता घलटु काडुआर तथा संचालन गुरुपद पुनरिआर ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामथान से गाजे बाजे के साथ भाखि चारि मशाल जुलुस निकालकर किया गया जो मड़प थान होते हुए दुआरसिनि थान के आखड़ा पहुंची।

जुलूस में कुड़मि समुदाय के महिला पुरूषों ने भाग लिया। इस दौरान भाषा-धर्म-संस्कृति के नारे लगा रहे थे। कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा के अध्यक्ष तरनि बानुहड़ ने समाज के लोगों को कुड़मि की मातृभाषा कुड़मालि को जनगणना रिकार्ड में दर्ज कराने की अपील की। कहा कि कुड़मालि भाषा संस्कृति को जीवित रखकर ही कुड़मि का अस्तित्व और पहचान बचाया जा सकता है। कुड़मालि भाषा संसकृति इस माटि की आदिम धरोहर है और हमारे पुरखे ही इसके सर्जक हैं।
आधुनिक काल में कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा द्वारा कुड़मि समुदाय की भाखि चारि का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। आखड़ा के संयोजक महादेव डुंगरिआर ने कुड़मि समुदाय के लोगों को प्रथागत निति नियमों से अवगत कराया। आखड़ा के संरक्षक दीपक पुनरिआर ने कुड़मि समुदाय के जनजातीय इतिहास एवं बारह मासेक तेरह परब की जानकारी दी। आखड़ा के धनबाद प्रभारी अरबिंद पुनरिआर ने जनगणना 2021 में पुरे कुड़मि समुदाय के लोगों को अपनी मातृभाषा कुड़मालि एवं धर्म सारना दर्ज कराने की अपील की।
मौके पर कुड़मालि पाँता नाच एवं झुमर गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सिंगघागरा के गौरी पुनरिआर एवं चामड़ाबाद के महादेब टिडुआर के दहँगिओं ने हिस्सा लिया।जडुआहि को विभिन्न वक्ताओं के अलावा किरण बानुआर, जगन्नाथ टिडुआर, केदार बानुआर, राजकिशोर साँखुआर, आदि ने संबोधित किया। मौके पर पंकज काडुआर, राजेश पुनरिआर, भोलानाथ डुंगरिआर, बुलेट डुंगरिआर, गोपाल बंसरिआर, संजय काडुआर रमेश पुनरिआर, बलराम, दिनेश, देवीलाल, सुरेश, दुर्योधन, करमु समेत अन्य थे।
