Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र के डिप्लोमा इंजीनियरों ने शहर के गांधी चौक में काला झंडा और काला बैलून उड़ाकर सेल प्रबंधन के विरोध में प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि सेल में कार्यरत ये कर्मचारी कई वर्षों से ‘जूनियर इंजीनियर’ पदनाम की माँग कर रहे हैं। इस्पात मंत्रालय से आदेश निकलने के तीन साल बाद भी प्रबंधन ने पदनाम लागू नहीं किया है जिसके विरोध में गुरुवार को बोकारो सहित सेल के सभी यूनिट में डिप्लोमा इंजीनियरों ने प्रदर्शन किया है।
महामंत्री एम तिवारी ने कहा कि- डीई के पदनाम पर सेल प्रबंधन एनजेसीएस यूनियन के नाम पर बहानाबाजी कर रहा है। एनजेसीएस यूनियन को पदनाम का विरोधी बताकर फूट डालने की साजिश किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रबंधन मनमानी तरीके से निर्णय लेता है जिसका ताजा उदाहरण बोनस का मामला है। भारत सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए सेल को हानि पहुंचाने की साजिश हो रही है। डीई को जेई पदनाम देने से किसी कर्मचारी को कोई आपत्ति नहीं है।

संगठन का स्पष्ट रुख है कि बहुत इंतजार कर लिए हैं और आगे इंतजार नहीं किया जाएगा, केवल आश्वासन से डीई को सम्मानजनक पदनाम नहीं मिल जाएगा। यदि एक महीने के अंदर पदनाम नहीं मिला तो “सम्मान नहीं तो उत्पादन नहीं” नारा के साथ समस्त यूनिट में उत्पादन ठप कर दिया जाएगा।
यूनियन के अध्यक्ष संदीप कुमार ने कहा कि- 1 मई 2017 को इस्पात मंत्रालय ने डीई को जेई पदनाम देने की अनुशंसा की थी। आदेश के बाद भी प्रबंधन ने इस मामले को विवादित कहकर एनआरसी कमिटी को सौंप दिया जिसका रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। 19 नवंबर 2018 को एनजेसीएस सब कमिटी का गठन किया किया गया, जिसका 16 जनवरी 2019, 05 अगस्त 2019 और 15 फरवरी 2020 को तीन बार मीटिंग हो चुका है। पर पदनाम का मुद्दा पर कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया। जिसका कारण प्रबंधन की उदासीनता है।
प्रदर्शन का संचालन करते हुए यूनियन के कोषध्यक्ष सोनू शाह और संगठन मंत्री पप्पू कुमार ने कहा कि-सेल अध्यक्ष ने एक बार नहीं बार बार घोषणा की है कि डिप्लोमा इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारियों को भी सम्मानजनक पदनाम दिया जाएगा पर आज तक इस मामले को लटकाया ही गया है।प्रबंधन ने कोरोना काल को उत्पादन के अवसर के साथ साथ मुद्दों को लटकाने का भी अवसर बना दिया है।
उपाध्यक्ष रवि शंकर ने कहा- सेल प्रबंधन युवा कर्मचारियों को हतोत्साहित करने के कार्यों में लगा हुआ है चाहे पदनाम का मामला हो या वेज रिवीजन, लीव इंकैशमेंट हो, कर्मचारियों से जुड़ा हुआ हर मुद्दा लटकाकर रखा गया है। आने वाले दिनों में लंबित मुद्दों का निराकरण नहीं किया गया तो यह विकराल रूप ले सकती है।
प्रदर्शन में यूनियन के संयुक्त महामंत्री दीपक शुक्ल,संगठन मंत्री अविनाश चंद्र,अरुण कुमार,शशि कुमार,संजीत कुमार,आनंद रजक, नितेश, शिव पंडित,नरेंद्र दास, चंदन, सिद्धार्थ, शिवनाथ, राहुल दुबे, रितेश कुमार,भावेश चंद्र,हरि ओम ,शैलेन्द्र तिवारी,निखिल, कमलेश, राकेश, फूलचंद बास्की सहित सैकड़ों डिप्लोमा इंजीनयर मौजद थे।
बोकारो इस्पात प्रबंधन के प्रवक्ता, मणिकांत धान ने इस विषय में कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
