Bokaro: एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की माने तो बोकारो एयरपोर्ट आने वाले तीन महीनो में बन कर तैयार हो जायेगा। एयरपोर्ट में हो रहे विस्तार सम्बंधित 90 परसेंट कंस्ट्रक्शन का काम पूरा हो चूका है। बाकी 10 परसेंट काम जिसमे बॉउंड्रीवॉल का कंस्ट्रक्शन और पेड़ो का कटना है, वह भी मार्च 2021 तक ख़त्म हो जायेगा।
एएआई ने सोमवार को बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) से नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) द्वारा जारी किये जाने वाले एयरोड्रम लाइसेंस को प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। जिससे की एयरपोर्ट विस्तार का काम खत्म होने के साथ ही हवाई जहाज़ उड़ान भरना शुरू कर सके। चुकी बोकारो एयरपोर्ट बीएसएल का है, (डीजीसीए) से एयरोड्रम लाइसेंस भी उसी को लेना होगा।

सूत्रों के अनुसार, डीजीसीए से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन को कम से कम 3 महीने पहले जमा करना आवश्यक है। यदि सभी दस्तावेज और सुविधाएं नियमानुसार हो तो, तो आवेदन की तारीख से 3 महीने की अवधि के भीतर डीजीसीए एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर देता है। जो 24 महीने की अवधि के लिए वैध होता है और इसे फिर से नवीनीकृत किया जा सकता है।
एएआई ने बोकारो एयरपोर्ट के विस्तार का काम पूरा करने का टारगेट तीन महीने रखा हैं, इसलिए बीएसएल को एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है, ताकि उड़ान सेवाएं जल्द शुरू हो सकें।
सोमवार को निदेशक, एएआई, विनोद शर्मा और बीएसएल के विमानन विभाग के प्रभारी, लक्ष्मी दास के बीच बैठक हुई। जिसमे जिला प्रशासन के सहयोग से बोकारो हवाई अड्डे के शेष निर्माण कार्य में तेजी लाने पर चर्चा हुई। निदेशक ने कहा की बोकारो हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 90 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो गया है। बाकी बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए काम को गति दी जा रही है।

निदेशक ने यह भी कहा की, बोकारो हवाई अड्डा संबंधित विस्तार परियोजना को दिसंबर 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कोविद -19 महामारी के कारण इसमें थोड़ी देर हो रही है। हालाँकि, हमने निर्माण गतिविधियों में तेजी ला दी है और मार्च, 2021 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हमने बीएसएल को डीजीसीए से एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा है जो कमर्शियल उड़ान सेवा शुरू करने के लिए बेहद आवश्यक है।
बीएसएल के चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन, मणिकांत धान ने एएआई और बीएसएल अधिकारी के बीच बैठक होने की पुष्टि की है। ज्ञात हो की बीएसएल, स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की एक इकाई है। बोकारो एयरपोर्ट का रनवे 1671 मीटर लम्बा है। एएआई 48 करोड़ रुपये के लागत से एयरपोर्ट डेवलपमेंट का कार्य कर रहा हैं। 300 यात्री शिखर घंटे की क्षमता का टर्मिनल भवन का निर्माण हो चूका है। करीब दो साल पहले बोकारो एयरपोर्ट के विस्तार के लिए नींव रखी गई थी।शुरुआत में उड़ान सेवाय पटना और कोलकाता के बीच शुरू होंगी।
