Bokaro : अब कोई भी बच्चा फीस के आभाव में परीक्षा देने से रोका नहीं जा सकेगा। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी निजी स्कूलों और संस्थानों को शिक्षण शुल्क के आभाव में विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित नहीं किये जाने का आदेश जारी कर दिया है।
बताया जा रहा है की उपायुक्त, राजेश सिंह को लगातार अभिभावकों से यह शिकायत प्राप्त हो रही थी, कि शिक्षण शुल्क जमा नहीं करने के कारण विद्यार्थियों पर स्कूल प्रबंधन द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। अन्यथा परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने देने की सूचना दी जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

उपायुक्त ने स्कूलों के प्राचार्यो को आदेश जारी कर कहा है, गृह मंत्रालय , भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय – समय पर निर्गत दिशा – निर्देश के आलोक में सभी निजी विद्यालय और संस्थान प्रबंधन को निदेशित किया जाता है, कि विद्यालय शुल्क जमा नहीं होने की स्थिति में किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित नहीं किया जाय।
झारखंड अभिभावक संघ जिलाध्यक्ष महेंद्र राय ने कहा की उनके द्वारा निजी स्कूलों द्वारा फीस न दे पा रहे छात्रों को एग्जाम से वंचित रखने की शिकायत की थी। जिसको संज्ञान में लेते हुए जिला उपायुक्त ने सभी निजी स्कूलों के प्रबंधन को आदेश जारी कर कहा कि बच्चों को फीस के लिये एग्जाम से वंचित नहीं किया जाएगा। वंचित करने वाले स्कूलों पर करवाई की जायेगी।
