Bokaro : जिस शहर में अपना बचपन गुजरा हो, वहां आकर सबको अच्छा लगता है। चाहे वह मुख्यमंत्री ही क्यों न हो। आज कुछ ऐसा ही अपनापन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने शहर बोकारो में आकर लगा। बहुत दिनों के बाद मुख्यमंत्री अपने बोकारो के सड़को में बिंदास घूमे। इतना ही नहीं अपने पहचानने वालो से जाकर अचानक मिल सरप्राइज दिया और उनके साथ कुछ वक़्त भी बिताया। बोकारो से मुख्यमंत्री का अपनत्व उस समय और दिखा जब वह सिक्योरिटी में लगे पुलिसवाले से वाकी-टॉकी अपने हाथ में ले लिया और बोले आप लोग चलिए मैं रास्ता बताता हूँ।
उसके बाद क्या था, मुख्यमंत्री बोकारो के सड़को में अपनी गाड़ी मेँ बैठ “कभी दाये चलिए, कभी बायें, तो कभी सीधे चलिए” कह कर रास्ता बताते गए। उनका एस्कॉर्ट और उनके प्रोटोकॉल मेँ लगे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उनके साथ चलते रहे। रह-रह कर उनकी आवाज़ वाकी-टॉकी मेँ गूंजती थी और उनका कारवाँ कभी सिटी सेंटर, तो कभी गांधी चौक, तो कभी सेक्टर-4 घूमते और रुकते हुए वापस एयरपोर्ट पंहुचा। वहां से वह पिंड्राजोड़ा एक दूसरे कार्यक्रम मेँ भाग लेने चले गए।

रांची से बोकारो पहुंच कर मुख्यमंत्री सबसे पहले अपने करीबी और पार्टी के पुराने कार्यकर्ता शंभु यादव से मिलने उनके घर सेक्टर-4/A कैराली स्कूल के बगल मेँ पहुंचे। यहां जाना उनका निर्धारित कार्यक्रम था। बताया जा रहा है की इसके बाद मुख्यमंत्री अचानक वहां से वाकी-टॉकी अपने मेँ हाथ मेँ ले गाड़ी मेँ बैठ गए और अधिकारियों को रास्ता बताने लगे। वह वहां से सीधे सिटी सेंटर आ गए। गाड़ी धीरे चल रही थी और वह बाहर का नजारा लेते जा रहे थे। वहां कोज़ी के बगल मेँ स्तिथ वोल्टास शोरूम मेँ जाकर उनकी गाड़ी रुकी और वह उतर कर अंदर गए। कुछ देर वहां रुकर मिले और फिर बाहर आ गए। उसके बाद आगे जाकर गांधी चौक के तरफ मुड़ गए।
गाड़ी थोड़ी देर आगे जाने के बाद फिर वाकी-टॉकी मेँ यू-टर्न लेने को कहा और वापस मॉल के तरफ मुड़ गए। आगे चलकर वह फिर जय जवान पेट्रोल पंप से मुड़कर, मारुती शोरूम होते हुए लक्ष्मी मार्किट पहुंचे और वहां सेक्टर-4 /D स्तिथ बीजीएच के नामी हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ विभूति के घर जाकर रुक गए। अचानक मुख्यमंत्री को घर आया देख डॉक्टर विभूति भी हड़बड़ाते हुए बाहर आये और उनको वेलकम कर अंदर ले गए। मुख्यमंत्री थोड़ी देर वहां रुके और उनसे मिलने के बाद जगरनाथ मंदिर वाले रास्ते के गोलंबर से होते हुए सेक्टर -5 हटिया के सामने से एयरपोर्ट पहुंच गए।
डॉ विभूति ने बताया की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ऐसे अचानक घर आने से वह बहुत खुश है। उनके लिए मुख्यमंत्री का इस तरह घर आना जीवन भर के लिए एक मेमोरेबल मोमेंट्स रहेगा। हालांकि की बोकारो मेँ झामुमो के कार्यकर्ता भी आज बहुत खुश दिखे। मुख्यमंत्री मौका निकाल उनसे अच्छे से मिले उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री को अपने पुराने रूप में देखकर लोग गदगद थे। उनके जानने वालो के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बचपन से ही मिलनसार स्वाभाव के रहे है। सबसे बड़े ही आत्मीयता से मिलते है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आज वह उसी अपनेपन वाले स्टाइल में आकर उनसे मिलेंगे, उन्हें एक पल के लिए विश्वास नहीं हुआ। पर वह बहुत खुश है।
झामुमो के मंटू यादव ने बताया की मुख्यमंत्री को उनलोगो ने मांगपत्र देकर यहां के समस्याओ से उनको अवगत कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोटरी इंटरनेशनल द्वारा संचालित आशा की किरण प्ले स्कूल उलगोरा में आयोजित कार्यक्रम मेँ भाग लिया। वहां भी वह अपने करीबी जानने वालो से पुरे अपनेपन से मिले उनके साथ फोटो खिचवाया। मिलने वालो मेँ हंस रीजेंसी के मालिक हीरालाल गुप्ता और अन्य लोग थे। बच्चो के साथ भी काफी वक़्त बिताया उनसे बातें की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाया और उपहार भी दिए।
