Bokaro: परमाणु ऊर्जा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया कि कुछ दिन पहले बोकारो पुलिस द्वारा बरामद किया गया 6 किलो पदार्थ यूरेनियम नहीं है। उक्त सामग्री जीवित प्राणियों या पर्यावरण के लिए किसी भी विकिरण संबंधी स्वास्थ्य खतरे का कारण नहीं बनती है।
हाल ही में, बोकारो पुलिस की टीम ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। और उनके पास से तीन पैकेट में 6 किलो अज्ञात सामग्री बरामद किया था। गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा पुलिस के समक्ष यह बयान दिया गया था कि उनके पास से जो पदार्थ जप्त हुआ है वह यूरेनियम है और उसके लिए वह ग्राहक तलाश रहे थे। उन्हें उक्त सामग्री किसी गिरिडीह के आदमी ने दी थी, जिसको पुलिस तलाश रही है।

आरोपियों के पास से बरामद सामग्री का मोनोग्राम यूरेनियम का था और उस पैकेट पर ‘Made in USA’ लिखा हुआ था। पुलिस ने उसे यूरेनियम मानते हुए सातों आरोपियों के खिलाफ परमाणु ऊर्जा एक्ट में मामला दर्ज किया था। इसी क्रम में जब्त किये गए संदिग्ध यूरेनियम के नमुने को, जांच के लिए यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के एक्सपर्ट कुछ दिन पहले बोकारो आकर जाँच के लिये ले गये थे।
कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद बोकारो पुलिस ने बाहर से आई विशेषज्ञों की एक टीम को सैंपल सौप दिया था। उस वक़्त विशेषज्ञों ने प्रारंभिक जाँच में जब्त किए गए यूरेनियम के नमूने का रेडिएशन परीक्षण भी किया था। उक्त सामग्री में यूरेनियम जैसा कोई भी रेडिएशन नहीं पाया गया था। परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में यह साफ बताया गया है कि जप्त किया हुआ पदार्थ यूरेनियम नहीं है। हालांकि परमाणु ऊर्जा विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह पदार्थ क्या है।
इस मामले में राज्य और केंद्र कि दूसरी सुरक्षा एजेन्सिया निगाहे बनाये हुए है। पाकिस्तान ने भी भारत में इस तरह से यूरेनियम बरामद होने पर चिंता व्यक्त करते हुए जाँच कि मांग की थी।
एसपी, बोकारो, चन्दन कुमार झा ने बताया की उनके पास अभी तक इस सन्दर्भ में कोई भी ऑफिसियल कम्युनिकेशन परमाणु ऊर्जा विभाग या यूसीआईएल से नहीं आया है। जब तक उन के पास टेस्ट रिपोर्ट नहीं आएगा तब तक वह कुछ बोल पाने की स्तिथि में नहीं है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अगर अगर यूरेनियम का टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आ भी गया, तब भी पुलिस अपना अनुसन्धान यह पता लगाने के लिए जारी रखेगी की किस मकसद से और किस नेटवर्क ने इस तरह उक्त सामग्री को यूरेनियम बता मार्किट में उतारा है। यूरेनियम जैसे रेडियोएक्टिव सामग्री का किसी बी तरह का झूठा या सच्चा व्यापार गैरकानूनी है। पुलिस किसी भी हालत में इसके तह तक जाएगी। अभियुक्तों को पुलिस अब रिमांड पर लेने पर विचार कर रही है।

If it is not the urenium then why it has been reportrd that it was natural urenium.
Because, Police have lodged FIR in Atomic Energy Act