Bokaro : जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष और सदस्यों के कमी के चलते कई जिलों में लोग अपनी शिकायतवाद दर्ज नहीं कर पा रहे है। यही नहीं पूर्व से दर्ज शिकायतों पर सुनवाई भी नहीं हो पा रही है। जिससे पूरे राज्य में हजारों की संख्या में शिकायतवाद लंबित पड़े हुए है। बोकारो विधायक सह भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने उक्त मामले को सदन में उठाते हुए सवाल पूछा।
जिसके जवाब में सरकार ने बताया की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 1986 का निरसन हो चुका है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम , 2019 के 20 जुलाई , 2020 से लागू हो जाने के फलस्वरूप उक्त अधिनियम के तहत नियुक्ति / सेवा शर्त से संबंधित नियमावली के गठन करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही, राज्य एवं जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एवं सचिव की नियुक्ति हेतु माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में चयन समिति का गठन किया जा चुका है।

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