Bokaro: राज्य के कृषि मंत्री, बादल पत्रलेख ने आज सोमवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। इसी क्रम में वह सदर अस्पताल के इंतेज़ाम और इंफ्रास्ट्रक्चर को देख इतने प्रभावित हुए की उन्होंने यह घोषणा कर दी कि यह मेडिकल कॉलेज बनेगा। पत्रकारों को ब्यान देते हुए उन्होंने कहा “सदर अस्पताल एक मेडिकल कॉलेज बंनाने का मेरिट रखता है। मैं आपको आस्वस्थ करता हूँ कि बोकारो सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज बनेगा”। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख द्वारा इस पर दिए गए ब्यान का video footage देखें:
बोकारो में मेडिकल कॉलेज बनाने कि घोषणा या बात, यहां के लोगो के नज़र में अब एक शगूफ़ा है। केंद्र और राज्य में सरकार किसी की भी हो, उसके मंत्री और नेताओ द्वारा बोकारो में मेडिकल कॉलेज खोलने का शगूफ़ा पिछले एक दशक से छोड़ा जा रहा है। बस सरकार के साथ जगह बदल जाती है। यह अब एक रिवाज़ सा हो गया है। राजनितिक पार्टी के नेता जो विपक्ष में रहते है, वह सत्ताधारी सरकार को बोकारो में मेडिकल कॉलेज न खोलने के लिए जिम्मेवार ठहराते है। और जो सरकार में रहते है वह मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा एक नई जगह पर कर देते है।

पिछले भाजपा सरकार में तो शहर के सेक्टर-12 में सेल-बीएसएल की 25 एकड़ भूमि मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए चिन्हित कर ली गई थी। पर उक्त ज़मीन और घोषणा का कुछ न हो सका, न मेडिकल कॉलेज खुला और न अब उसको लेकर कोई ज़िक्र है। वर्तमान बोकारो विधायक बिरंची नारायण, अब मेडिकल कॉलेज न खुलने का सारा ठिखरा झामुमो सरकार पर फोड़ रहे है। इससे सात-आठ साल पहले की बात करे तो शहर के सबसे बड़े अस्पताल बीजीएच को ही मेडिकल कॉलेज बनाने का शगूफ़ा छोड़ा गया था। जो काफी दिनों तक चलता रहा।
कुछ साल पहले झारखण्ड मोमेंटम के बोकारो आयोजन के दौरान चंदनक्यारी में मेडिकल कॉलेज खोलने का MOU हुआ। पर आज तक उसका कुछ पता नहीं चला। फिलहाल राज्य में झामुमो-कांग्रेस की सरकार है। सरकार बनने के बाद से अब तक किसी मंत्री या नेताजी ने बोकारो में मेडिकल कॉलेज खोलने की चर्चा नहीं की थी। लेकिन आज फिर राज्य के कृषि मंत्री द्वारा बोकारो में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा कर दी गई। इस बार जगह बदलकर सदर अस्पताल हो गया।
वैसे तो कृषि मंत्री के जानने वाले कहते है की बादल पत्रलेख जो बात एक बार बोल देते है, उसको पूरा करके ही मानते है। अगर उन्होंने यह घोषणा कर दी है, कि बोकारो के सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज खुलेगा तो वह उसको पूरा करके ही मानेंगे। पर यह घोषणा सच होगी या फिर शगूफ़ा साबित होगी यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा।
मंत्री, बादल पत्रलेख ने कोविड-19 को लेकर उपस्थित चिकित्सा कर्मियों को दिया आवश्यक दिशा निर्देश।

नमस्कार
पूरे देश में अगर आप मेडिकल कॉलेज की बात करें ,तो स्थिति यह है की घोषित AIMS में भी अभी तक पूरी तरह से विभिन्न फैकल्टी के रिक्त पद नहीं भरे जा सके हैं ,जितनी तेजी में सरकारों ने घोषणा करने का काम किया है , उस हिसाब से काम धरातल पर देखने को नहीं मिल रहा है ।