Bokaro: कुछ महीने पहले वेदांता ईएसएल स्टील प्लांट के विस्तारीकरण के लिये हुई जन सुनवाई का विरोध करने वालो के खिलाफ रहने वाले आजसू के पूर्व चंदनकियारी विधायक उमाकान्त रजक आज बुधवार को खुद वेदांता के खिलाफ अनशन पर बैठ गये।
कोरोना के संकट के घड़ी में जिस तरह वेदांता कोवीड केयर सेंटर चंदनकियारी में ना खोल कर बोकारो में खोल रहा है, रजक समझ गये की कंपनी वहां के भोले भाले जनता का हक मार रही है। चंदनकियारी के स्थानीय निवासी अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

पूर्व विधायक उमकांत रजक ने कहा कि-
वेदांता स्पॉन्सर्ड कोविड सेंटर चंदनकियारी में खोलने के मांग को लेकर बुधवार को पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने आवास में एकदिवसीय अनशन किया। कहा चंदनकियारी के अधिकार का हकमारी बर्दाश्त नहीं। न्याय नहीं मिला तो घर घर में अनशन होगा।
उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रकोप के विकराल रूप को देखते हुए वेदांता ने जिला प्रशासन को 100 बेड का कोविड सेंटर खोल कर देने की बात कही है। इस वेदांता स्पॉन्सर्ड कोविड सेंटर को कोरोनाग्रस्त चंदनकियारी में नहीं खोलकर जिला प्रशासन ने बोकारो शहर के सेक्टर 5 के खुले मैदान में टेंट में खोलने का अनुमति दिया है। यह चंदनकियारी का हकमारी है। इस अन्याय के खिलाफ हमे कोरोना जैसे आपदा के समय मे अनशन करना पड़ रहा है। ताकि राज्य सरकार इसे संज्ञान में ले।
उन्होंने कहा कि चंदनकियारी के लोग इस्पात कारखाने का धूल धुँवा खाते हैं। इस आशा से कि जब भी कोई विपदा मुसीबत बन कर खड़ी होगी। कम्पनी सहायता के लिए खड़ा होगा। चंदनकियारी मे कोरोना प्रोकोप लगातार बढ़ रहा है। कोई कोविड सेंटर नहीं है। वेदांता के कोविड सेंटर खुल जाने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कम्पनी के प्रति लोगों का सोच सकारात्मक होगा।
रजक ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि चंदनकियारी स्थित वेदांता कारखाना का सौजन्य से बनने वाला कोविड सेंटर को चंदनकियारी में खोलने , पूरा क्षेत्र का सेनिटाइज, प्रत्येक को फ्री दो मास्क, कोरोना मरीज को दवा का किट देने का आदेश उपायुक्त को दे।
पूर्व मंत्री ने चंदनकियारी के सामाजिक एवं राजनीतिक लोगों से अपील किया कि दलगत भावना से ऊपर उठकर चंदनकियारी के हित मे आवाज बुलंद करें। याद रखें, लोग रहेंगे। तब राजनीति होगी। कोरोना ने मानव जीवन पर हमला बोल रखा है। सबको मिलजुल कर इस लड़ाई को जितना है।
