Bokaro : कोवीड मामलों की बढ़ती संख्या ने रांची के अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर की मांग बढ़ा दी है। इस कारण वहां ऑक्सीजन की किल्ल्त होनी शुरू हो गई है। जिसे राज्य सरकार पूरी करने कि कोशिश कर रही है। इस संकट के घड़ी में बोकारो प्रसाशन पूरी तत्परता के साथ ऑक्सीजन कंपनियों के सहयोग से रांची ऑक्सीजन भेजवा रहा है।
सिविल सर्जन के अनुसार पिछले तीन दिनों में 39 टन तरल ऑक्सीजन टैंकरों से रांची भेजे गए है। अगर और जरुरत होगी तो और ऑक्सीजन यहां से रांची भेजा जायेगा। बुधवार और गुरुवार को बोकारो स्तिथ इनोक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से तीन टैंकरों में 39 टन तरल ऑक्सीजन रांची भेजे गए।

बोकारो इस्पात संयंत्र के अंदर स्तिथ आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स इस करोनाकाल में ऑक्सीजन आपूर्ति करने में अहम भूमिका निभा रहा है। बोकारो जनरल हॉस्पिटल के अलावा और अन्य चिकित्सा संस्थानों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है। झारखण्ड में तीन प्रमुख ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों में एक बोकारो का आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स भी है।
एक अधिकारी ने कहा राज्य कोवीड -19 वायरस से जूझ रहा है और कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक साबित हो रही है। झारखंड में, रांची में अधिकतम अस्पताल और कोविद -19 के मरीज हैं।
राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) राज्य का मुख्य अस्पताल है। इसके अलावा रांची में मेदांता, मेडिका, पल्स, ऑर्किड, देवकमल आदि चिकित्सा संस्थानों भी है। ऑक्सीजन के संकट को दूर करने के लिए, राज्य सरकार ने बोकारो प्रशासन को आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से रांची में ऑक्सीजन कि आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
बता दे की बोकारो से तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति रांची के तीन इकाइयों – महेश्वरी मेडिकल, एस के इंडस्ट्री और ऑक्सीजेड- को हो रही है। रांची की यह तीन कम्पनिया लिक्विड ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में कन्वर्ट कर रांची में चिकित्सा संस्थानों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है।
