Bokaro: बोकारो स्टील संयंत्र (BSL) पर निर्भर वैसे MSME जो वर्क आर्डर के आभाव में ख़राब दौर से गुजर रहे है, उनको उभारने के लिए झारखण्ड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट ऑथॉरिटी (JIADA), बोकारो जोन, ने आज सकरात्मक पहल की। जियाडा ने बंद होने के कगार पे खड़े उंद्योगो से जुड़ी समस्याओं को न सिर्फ बीएसएल के अधिकारियो के साथ साझा किया, बल्कि उसको ख़त्म करने के लिए एक स्ट्रेटेजी के तहत काम करने का निर्णय लिया है।
जियाडा की रीजनल डायरेक्टर, कृतिश्री (IAS) ने मंगलवार को बीएसएल के ईडी, एमएम, वी के पांडेय व अन्य आला अधिकारियो के साथ बैठक की। उन्होंने बालीडीह स्तिथ वैसे उद्योग जो पूरी तरह बीएसएल पर निर्भर है और ख़राब दौर से गुजर रहे है, उनको उस स्तिथि से निकालने के लिए 12-point अजेंडो पर विस्तृत चर्चा की। जियाडा ने बीएसएल से सबसे पहले एक Ancillary Officer रखने को कहा जो बीएसएल प्लांट और उद्यमीयो के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

रीजनल डायरेक्टर ने बीएसएल से जल्द Ancillary Officer बनाने के लिया कहा है। इसके अलावा प्राइस फिक्सेशन, वर्क आर्डर, प्रोडक्ट के चयन आदि विषयो पर भी चर्चा की। बताया जा रहा है की जियाडा ऑफिस में सब-पीएलसी मीटिंग में बालीडीह के कई उधमी मौजूद थे। रीजनल डायरेक्टर बालीडीह स्तिथ इंडस्ट्रीज को बीएसएल से वर्क आर्डर कम मिलने के मामले में संजीदा दिखी।
