Bokaro: पुलिस ने मंगलवार को शहर के तीन निजी अस्पतालों – देवांश, वेलमार्क और सिटी केयर – के खिलाफ जीवन रक्षक दवा रेमेडिसविर के उपयोग में कथित विसंगतियों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। मई के आखिरी सप्ताह में बोकारो उपायुक्त राजेश सिंह को राज्य मुख्यालय से निजी अस्पतालों के खिलाफ जाँच कर कार्रवाई करने का निर्देश मिला था।
डीसी के आदेश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) चास शशि प्रकाश सिंह ने तीन निजी अस्पतालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले में शिकायतकर्ता कार्यकारी मजिस्ट्रेट रोहित प्रवीण कुजूर हैं। तीन अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

बताया जा रहा है कि देवांश अस्पताल के खिलाफ FIR पिंड्राजोड़ा थाने में दर्ज़ कराया गया है। वही सिटी केयर अस्पताल के खिलाफ शिकायत चास थाना और वेलमार्क पर कंप्लेंट सिटी थाना में दर्ज़ किया गया है। डीएसपी चास मुकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में क्लीनिकल एस्टब्लिशमेंट एक्ट, आपदा प्रबंधन अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट और आईपीसी कि विभिन्न धाराओ में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
सिटी थाना प्रभारी, संतोष कुमार ने बताया कि, वेलमार्क के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट को छोड़कर अन्य सभी अधिनियम में केस दर्ज किया गया हैं। हालांकि वेलमार्क के अधिकारियो का कहना है कि उनका रेमेडिसविर से सम्बंधित सब रिकॉर्ड सही है। ड्रग इंस्पेक्टर ने जाँच में ऐसी कोई भी अनिमित्ता नहीं पाई है। अनुसन्धान के क्रम में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
सूत्रों ने अनुसार अप्रैल व मई माह में रेमडेसिविर का आवंटन राज्य सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए किया गया था। उस समय क्योंकि सेकेंड वेव अपने चरम पर था, एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिविर की काफी डिमांड थी। बाद में राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले के दवा निरीक्षकों को उन सभी निजी अस्पतालों की जांच करने का आदेश दिया था, जिन्हें रेमेडिसविर आवंटित किया गया था।
