Bokaro : कोरोना को ले एहतियाती कदम उठाते हुए, जिला स्वास्थ्य विभाग इस गुरुवार से स्कूलों में कोविड-19 की जाँच शुरू करने जा रहा है। स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के स्वाब नमूनों को स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल जाकर लेगी और टेस्टिंग के लिए भेजेगी। हालांकि पिछले चार दिनों से, जिले में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है, पर केरल, महाराष्ट्र, तेलंगाना और राजस्थान जैसे राज्यों में कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यहाँ वायरस का फैलाव न हो इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है।
सिविल सर्जन, डॉ ए के पाठक ने कहा की, “नए किस्म के कोविड वायरस दूसरे राज्यों में पाए गए है और वहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसी को देखते हुए हेल्थ विभाग की टीम गठित की गई है जो गुरुवार से स्कूलों में जाकर कोरोना जाँच करेगी। बच्चो की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस संबंध में एक पत्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के उन सभी स्कूलों में भेजा जा रहा है, जिन्हें मौजूदा कक्षाओं X और XII के अलावा, 1 मार्च से VIII, IX और XI की कक्षाओं के लिए खोलने की अनुमति दी गई है।

सिविल सर्जन ने कहा, “हम सबसे पहले सरकारी स्कूलों से कोविड जाँच अभियान की शुरुआत करेंगे। फिर निजी स्कूलों में भी कोविड-19 का सैंपल कलेक्शन और टेस्टिंग शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया की स्कूलों में एकत्र किए गए नमूनों को आरटी-पीसीआर परीक्षणों के लिए भेजा जाएगा। साथ ही रेलवे स्टेशन पर भी आने वाले पैसेंजरस की भी जाँच की जाएगी।
कोविड जाँच अभियान शुरू में चास में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय सहित अन्य सात सरकारी स्कूलों में फरवरी 25 से शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें इस अभियान में लगाई गयी है। कोविड जाँच अभियान को गति देने के साथ-साथ टेस्टिंग की संख्या भी डबल कर दिया जायेगा। फ़िलहाल 600 -1000 कोविड-19 टेस्टिंग प्रतिदिन होती है। जिसे बढ़ाकर 1500 से 2000 करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया की ज़िले में कोरोना के मिलने वाले मरीजों में काफी कमी आई है। पिछले चार दिनों से एक भी कोरोना का पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। बीजीएच में भी कोई कोरोना का कोई मरीज नहीं है। कोरोना के एक्टिव केसेस की संख्या भी 8 -10 ही रह गई है। पर कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए एहतियात बरतना बेहद जरुरी है। देश के दूसरे राज्यों में नए कोविड के बढ़ते मामले ने चिंता बढ़ा दी है।
