Bokaro :मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) 2021 के तहत फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम आगामी 22 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इसको लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले में कुल 1843 बूथ बनाया गया है। सभी वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षण दिया जा चूका है। सभी प्रखंडों में दवा की आपूर्ति कर दी गई है। आम जन बूथ पर आएं, स्वयं दवा खाएं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। उक्त बातें सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार पाठक ने कहीं।
■ 23 लाख 63 हजार 089 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है-
सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार पाठक ने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के सभी सरकारी विभागों से समन्वय स्थापित किया गया है। दो बार जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक भी हुई है। फलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर सभी तरह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चूका है। कुल 23 लाख 63 हजार 089 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। दवा खिलाने के कार्य की निगरानी के लिए 472 पर्वेक्षकों को लगाया गया है। वहीं, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दस रिस्पांस टीम गठित किया गया है। कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का नंबर क्रमशः 8051288219, 7004177895 है।

■ फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 22 फरवरी से 27 फरवरी तक चलाया जाएगा-
डब्ल्यूएचओ के कंस्लटेंट डा. मनोज कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 22 फरवरी से 27 फरवरी तक चलाया जाएगा। इसके तहत पहले तीन दिन 22 से 24 फरवरी, तक बूथ पर एवं शेष तीन दिन 25 से 27 फरवरी तक डोर टू डोर जाकर डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। आशीष कुमार ने कहा कि फलेरिया का कीटाणु हमारे शरिर में कई वर्षों तक रहता है इसका असर हमें 10-12 वर्षों के बाद होता है। इसलिए सभी के लिए इस दवा का सेवन जरूरी है। लगातार पांच वर्षों तक इसका सेवन करने से फलेरिया बीमारी से बचाव होता है।
