Bokaro : पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को फिर एक नया खुलासा करते हुए सत्ताधारी दल के विधायको पर माओवादियों के साथ मिलीभगत होने का आरोप लगाया। मरांडी ने बोकारो के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “राज्य के सत्ताधारी दल के विधायक अपनी सुरक्षा छोड़ नक्सलियों से मिलने जंगलों के अंदर जाते हैं”।
जब मीडियाकर्मियों ने मरांडी से संबंधित विधायकों का नाम पूछा, तो उन्होंने कहा कि “अगर जांच एजेंसी इस मुद्दे पर उनसे संपर्क कर नाम जानना चाहेंगी, तो मैं केवल नाम ही नहीं, बल्कि वह कब और कहा नक्सलियों से मिले थे वह भी बता दूंगा”। इसके एक दिन पहले बोकारो में ही एक आयोजित पार्टी मीटिंग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हमेशा सरकारी खजाने के खाली होने का रोना रोते हैं।

कोषागार में खजाना कहां से आएगा खनिज संपदाओं को लीज व ऑक्शन करने के बजाए अवैध तरीके से खनिजों का दोहन कर अपने तथा अपनी पार्टी के लोगों के पॉकेट भर रहे हैं। इन्हें खजाना भरने की चिता नहीं है।
प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के मुख्य सचेतक, बिरेनची नारायण, विधायक, चंदनकियारी, अमर बाउरी और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
