Bokaro : आजकल के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और वेबसाइट पर लुभावने ऑफरो की झड़ी लगी रहती है, जिसके चक्कर में सीधे-साधे लोग आसानी से फँस जाते है, और कई बार साइबर क्रिमिनल्स के शिकार बन जाते है। कुछ ऐसा ही हुआ बोकारो के चीरा चास निवासी कुमार सौरभ के साथ। इंटरनेट में जावा मोटरबाइक कंपनी का बोकारो के लिए डीलरशिप सम्बंधित निकला ऐड देख, सौरभ ने बिना समय गवाएं उसमे अप्लाई कर दिया।
अप्लाई करने के कुछ दिन बाद ही सौरभ को कंपनी से एक कॉल आया और बताया गया की उनका रजिस्ट्रेशन हो गया है। उनसे रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर करीब Rs 12 लाख रुपये जल्द ही कंपनी के अकाउंट में जमा कर देने को कहा गया।। सौरभ ने बताये गए बैंक अकाउंट (क्लासिक लीजेंड प्राइवेट लिमिटेड) में अक्टूबर, 30 को 6.87 लाख रुपये डाल दिए। उसके कुछ दिन बाद सौरभ के पास कॉल आना एकदम से बंद हो गया। जब सौरभ ने कांटेक्ट करने की कोशिश की तो मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।


उसके बाद सौरभ ने चास थाना जाकर पूरा वाकया थाना प्रभारी, अमिताभ राय को बताया। उन्होंने उसको ढांढ़स बधाया। सौरभ ने फिर इस सम्बन्ध में FIR दर्ज़ करवा दी। चास पुलिस ने अनुसन्धान के क्रम में पाया की जिस UCO बैंक के अकाउंट में रूपया ट्रांसफर हुआ है, वह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के पकरीकांच तहसिल चेकन के एक व्यक्ति का है। थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम को तुरंत सोनभद्र रवाना किया और इस घटना को अंजाम देने वाले रतन कुमार को गिरफ्तार कर बोकारो ले आई। उसके पास से बैंक का पासबुक भी बरामद किया किया गया है।
जिस बैंक अकाउंट में सौरभ ने रुपया ट्रांसफर किया था वह रतन कुमार का था। थाना प्रभारी अमिताभ राय ने बताया की पुलिस का अनुसन्धान जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है की कुमार के साथ और कौन-कौन लोग इस घटना में शामिल थे। गिरफ्तार रतन कुमार ने बताया कि उसने अपने बीमार मां के इलाज के लिए पड़ोस के एक व्यक्ति को 6 खाते खुलवा कर दिए थे। जिसमें रूपये का टर्नओवर करने की बात कही थी।
