Arun Pathak
Bokaro: चर्चित साहित्यिक संस्था ‘साहित्यलोक’ की मासिक रचनागोष्ठी रविवार की शाम वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ झा के चीरा चास स्थित आवास पर हुई। वरिष्ठ साहित्यकार सुख नंदन सिंह ‘सदय’ की अध्यक्षता व साहित्यलोक के संयोजक अमन कुमार झा के संचालन में आयोजित इस रचनागोष्ठी में साहित्यकारों ने नव वर्ष, प्रकृति, पे्रम, सामाजिकता, मानवीय संवेदना आदि भावों को प्रकट करतीं रचनाएं सुनाईं।

शुरुआत कवि सतीश चंद्र झा ने ‘नव सालक पिकनिक’, ‘शिक्षक’ व ‘इन्द्रधनुष’ शीर्षक कविताएं सुनाकर की। तत्पश्चात डाॅ निरुपमा कुमारी ने ‘यह नया वर्ष सचमुच नया है’, ‘मन तो दुखता है’ व ‘तेरे आने का आहट का जरा पहले बता देना’, अभिनव शंकर ने ‘कवि की चोरी’, अमन कुमार झा ने ‘कहब अंत में’, अमीरी नाथ झा ‘अमर’ ने ‘सरस्वती वंदना’ व ‘फिर भी न शर्माते हो’, राजेन्द्र कुमार ने ‘बुढ़ापा’, नीलम झा ने ‘नव बरख आबि गेल अछि’ व ‘समर्पण’, संजय कुमार झा ने ‘बुद्धिनाथ के नाथ बुद्धिनाथ झा जी’, विजय शंकर मल्लिक ‘सुधापति’ ने ‘सुरभित फूल’ व ‘नून मिरचाई एतेक कम किएक’, डाॅ रणजीत कुमार झा ने संस्कृत रचना ‘वीरशोणितसिंचिता भूमिरियम् धीरधीर्धारिता हि धरणीयम्’ एवं हिन्दी में ‘परहित करते जो निज हानि, महापुरुषों की यही निशानी’, सुनील मोहन ठाकुर ने मैथिली में ‘आयल बसंत सखी चलु बगिया घुमायब’, अरुण पाठक ने प्रकृति गीत ‘प्रकृति बिना नहि जीवन बचतै सभ मिलि एहि पर चिंतन करबै…’, हरिमोहन झा ने संस्मरण, बुद्धिनाथ झा ने ‘ऊं महाभारत’ के कुछ अंश व संस्मरण, सुख नंदन सिंह ‘सदय’ ने हास्य-व्यंग्य की रचनाएं सुनाकर सबको आनंदित किया।
पठित रचनाओं पर सुखनंदन सिंह, बुद्धिनाथ झा, हरिमोहन झा, विजय शंकर मल्लिक व इस गोष्ठी में दिल्ली से आॅनलाइन जुड़े साहित्यलोक के पूर्व महासचिव गिरिजा नन्द झा ने समीक्षा टिप्पणी दी। बुद्धिनाथ झा ने कहा कि साहित्यकार समाज को संदेश देने के लिए लिखता है। अतः रचनाएं ऐसी हों जो लोगों को सकारात्मकता की ओर प्रेरित करे। अध्यक्षीय वक्तव्य में सुखनंदन सिंह ‘सदय’ ने कहा कि बुद्धिनाथ झा बोकारो के साहित्यिक धरोहर हैं। मैथिली में महाकाव्य ‘ऊं महाभारत’ की रचना करके इन्होंने बहुत ही महत्त्वपूर्ण व ऐतिहासिक कार्य किया है। साहित्यलोक द्वारा मासिक रचनागोष्ठियों का आयोजन बोकारो की साहित्यिक अभिवृद्धि में महती भूमिका निभा रही है। इसमें साहित्यकारों की सहभागिता बहुत ही प्रशंसनीय है।

Appreciative work…….wonderful