Bokaro: आज साल के पहले दिन बोकारो इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज अमरेंदु प्रकाश फिर ऑनलाइन हुए और अपनी दिल की बात साझा की। उन्होंने कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा की पिछले दिसंबर माह में बीएसएल ने इतिहास रचा है। उन्होंने बताया की, बीएसएल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एक माह में 2200 करोड़ रूपये कैश कलेक्शन आया है। मतलब पिछले दिसंबर माह में यानि 31 दिनों में बीएसएल ने 2200 करोड़ रूपये स्टील बेचकर कैश कलेक्शन किया।
पुरे सेल में बीएसएल द्वारा अर्जित कैश कलेक्शन की यह राशि सबसे अधिक है। प्रकाश इस बात की ख़ुशी कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलकर, मुबारकबाद देकर और साथ केक काटकर मनाई। उन्होंने नववर्ष की सबको बधाईया देते हुए कहा की हम यह नया साल “Every month – a better month ” के तर्ज़ पर मनाएंगे। हर महीने का प्रोडक्शन और परफॉरमेंस पिछले महीने से बेहतर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा की जितनी भी सर्विसेज है चाहे प्लांट के अंदर की या टाउनशिप की, सब छह महीने के अंदर ऑनलाइन हो जाएगी। शहरवाशी ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगे और उसपर ट्रैक रख सकेंगे। उन्हें मैंटेनेंस ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी।

प्रकाश ने यह भी कहा की बीएसएल इस नए वर्ष को “Sports – Well Being Year” के रूप में मनाएगा। साल भर खेल का आयोजन होगा। वह शहरवासियो से अनुरोध करते है की वह उसमे भाग ले और स्वस्थ रहे। उन्होंने यह भी कहा की बीएसएल इस साल 1 लाख पेड़ लगाएगी। बोकारो टाउनशिप की जनसँख्या करीब 4 लाख है, जिसमे एक लाख परिवार रहते है। उन्होंने अपील की अगर हर एक परिवार एक पेड़ लगा दे तो एक लाख पेड़ साल भर में बढ़ी आसानी से लग जायेंगे। इसके लिए बीएसएल सभी को मुफ्त में पेड़ उपलब्ध कराएगा।
नया साल में डायरेक्टर इंचार्ज के ‘दिल की बात’ को लेकर जैसी चर्चा थी, वैसा आमजनो ने कुछ खास नहीं पाया। तीन महीने बाद हुए यह उनका ऑनलाइन सम्बोधन 19.35 मिनट का था। जिसमे अधिकतर समय उन्होंने प्रोडक्शन, कैश कलेक्शन, ऑनलाइन सर्विसेज की बातें की, जो प्लांट और कर्मियों पर फोकस्ड थी। कुछ बातें स्पोर्ट्स-वैलनेस और पर्यावरण पर की जो लोगो से जुड़ी थी। पर शहर के लोग जिन परेशानियों के बीच रह रहे है और उनसे सुधार की अपेक्षा रखे हुए है, उसपर कोई भी चर्चा उन्होंने नहीं की।
ज्ञात हो बीएसएल पिछले कुछ वर्षो से हर साल 50 हज़ार से एक लाख के बीच पेड़ लगाता है। उसके लिए बीएसएल ने अपने जमीनों पर कुछ पॉकेट्स बनाये हुए है। इस साल एक लाख पेड़ कहा लगेंगे इस पर चर्चा नहीं हुई है। बीएसएल की अधिकतर भूमि में अतिक्रमण है और जो बची हुई है वह विस्थापित इलाको में है। जो विस्थापित अब वापस मांग रहे है। सॉलिड वैस्ट प्लांट लगाने पर भी कोई चर्चा नहीं हुई।

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