Bokaro: झारखण्ड के मुख्यमंत्री, हेमंत सोरेन ने आज शुक्रवार को यह साफ़ कर दिया की राज्य सरकार बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) जैसे उन उपक्रमों का लेखा-जोखा ले रही है जो आजाद भारत में यहाँ लगाए गए है। इन उपक्रमों से वहाँ के स्थानीय व्यवस्था को हुए नुकसान का आकलन कर राज्य सरकार उसके भरपाई की लिए उचित कदम उठायेगी।
मुख्यमत्रीं का आगमन आज कुछ देर के लिए, बोकारो में सेक्टर-3 निवासी उनके एक करीबी लडू सिंह के घर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुआ। बोकारो एयरपोर्ट में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहां की “बोकारो के लिए बोकारो स्टील प्लांट एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह उपक्रम आजाद भारत के बाद लगा है। राज्य में जितने भी इस तरह के उपक्रम लगे है। कमोबेस इन सभी भारत सरकार के उपक्रमों ने उन इलाको के स्थानीय व्यवस्थाओं को अस्त-व्यस्त किया है।”


मुख्यमत्रीं ने यह भी कहां की “हम उन नुकसानों का आकलन कर रहे है। राज्य में स्तिथ सभी भारत सरकार के उपक्रमों का लेखा-झोका ले रहे है। हम यह सुनिश्चित करते है, की जो नुकसान हुए है उसकी भरपाई इन उपक्रमों से किया जायेगा”। मुख्यमंत्री ने बताया की आने वाले दिसंबर की 29 तारीख को सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पुरे राज्य भव्य आयोजन होगा। एक प्रश्न पर, की विपक्ष यह कह रहा है की झामुमो का पिछले एक साल का कार्यकाल बदहाली भरा रहा है, मुख्यमंत्री जोर से हँसे, और कहां, विपक्ष नेता विहीन हो गया है, इसपर क्या जवाब दे।
मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहां की अभी कोरोना को लेकर परिस्तिथियां विपरीत है, इस समय कई अन्य राज्यों ने पंचायत चुनाव टाल दिया है। सरकार होने वाले पंचायत चुनाव के मामले में विचार कर रही है। मुख्यमंत्री का स्वागत झामुमो के नगर प्रेजिडेंट मंटू यादव, जिला के हीरालाल मांझी, संतोष रजवार और अन्य कार्यकर्ताओ ने मिलकर किया।
