Bokaro: DIC-इन-मेकिंग प्रिय रंजन के ईडी (वर्क्स) का प्रभार लेने के पूर्व सेल के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने संगठनात्मक ढांचे में अहम बदलाव कर दिया है। यह कदम परिचालन उत्कृष्टता, संसाधनों के बेहतर उपयोग और संगठनात्मक दक्षता को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासनिक आदेश संख्या 3876/AO के तहत BSL के 18 सहायक विभागों का पुनर्गठन कर तीन नए विभागों का गठन किया गया है।
तीन नए विभाग बने
नए आदेश के अनुसार BSL के वर्क्स डिवीजन के अंतर्गत तीन विभाग गठित किए गए हैं। इनमें सेंट्रल मेंटेनेंस-मैकेनिकल, सेंट्रल मेंटेनेंस-इलेक्ट्रिकल और शॉप्स एंड फाउंड्री शामिल हैं। सेंट्रल मेंटेनेंस-मैकेनिकल का नेतृत्व CGM (Mechanical), सेंट्रल मेंटेनेंस-इलेक्ट्रिकल का CGM (Electrical) और शॉप्स एंड फाउंड्री का नेतृत्व CGM (Shops) करेंगे।

किन विभागों का हुआ विलय
सेंट्रल मेंटेनेंस-मैकेनिकल में कैपिटल रिपेयर, हैवी मेंटेनेंस और जनरल मेंटेनेंस जैसे विभाग शामिल किए गए हैं। इसी तरह, इलेक्ट्रिकल सेक्शन के तहत कैपिटल रिपेयर (इलेक्ट्रिकल), हैवी मेंटेनेंस (इलेक्ट्रिकल), जनरल मेंटेनेंस (इलेक्ट्रिकल) और अन्य तकनीकी इकाइयाँ जोड़ी गई हैं। वहीं, शॉप्स एंड फाउंड्री में मशीन शॉप, स्ट्रक्चरल शॉप, फोर्ज शॉप और अन्य सहायक इकाइयों का एकीकरण किया गया है।
कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस पुनर्गठन से कर्मचारियों को भी लाभ होगा। आदेश के अनुसार, विलय किए गए विभागों के सभी कर्मचारियों को 95% प्रोत्साहन (इंसेंटिव) लागू होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रबंधन की मंजूरी
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 26 अगस्त 2025 से लागू किया गया है। इससे बोकारो स्टील प्लांट की परिचालन दक्षता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
SEFI के वाइस चेयरमैन और BSOA के जनरल सेक्रेटरी अजय कुमार पांडेय ने अपनी स्पष्ट और मुखर राय रखते हुए कहा कि – “संगठनात्मक बदलाव केवल प्रबंधन का नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।”
