Bokaro: बोकारो स्टील सिटी में साहित्यिक माहौल को नया आयाम देते हुए पुस्तकालय मैदान में BSL और अखिल भारतीय चेतना दर्पण के संयुक्त प्रयास से एक अनोखी काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। यह केवल कविताओं का मंच नहीं, बल्कि बोकारो महानगर के साहित्यकारों के लिए एक स्थायी रचनात्मक चौपाल की शुरुआत भी साबित हुई है। बीएसएल ने घोषणा की है कि अब हर माह के तीसरे बृहस्पतिवार को यहां नियमित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिससे शहर में साहित्यिक संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।
मुख्य अतिथि तथा BSL के महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) चौधरी रत्नेश कुमार सुधांशु ने कहा कि साहित्यकार हमेशा समाज की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और बोकारो के रचनाकार इस जिम्मेदारी को उत्कृष्ट तरीके से निभा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि बेरमो के एसडीओ मुकेश मछुआ ने भी मंच से अपनी कविताएं सुनाकर कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उन्होंने बीएसएल के इस प्रयास को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि ऐसा मंच साहित्यिक प्रतिभाओं को फलने-फूलने का अवसर देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय चेतना दर्पण के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार राय ने करते हुए BSL का धन्यवाद दिया और कहा कि यह मंच बोकारो के कवियों को सीखने-सिखाने का प्रेरणादायी अवसर प्रदान कर रहा है।
मंच पर शहर के कई प्रमुख कवियों—गंगेश पाठक, रेणुका सिन्हा, ऋचा प्रियदर्शिनी, अमृता शर्मा, कस्तूरी सिन्हा, लव कुमार, डॉ. आशा पुष्प सहित अन्य रचनाकारों—ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से उपस्थित श्रोताओं के मन को मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन कस्तूरी सिन्हा और धन्यवाद ज्ञापन लव कुमार ने किया। उपस्थित अधिकारी एवं साहित्यप्रेमियों ने इसे बोकारो की साहित्यिक धरोहर को मजबूत करने वाला कदम बताया।

