Bokaro: सुधीर व्यास को बोकारो पावर सप्लाई कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (BPSCL) का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बनाया गया है। इससे पहले, सुधीर व्यास दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के तहत दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन (DSTPS), अंडाल में सीनियर जनरल मैनेजर के तौर पर काम कर चुके हैं।
व्यास ने सुधीर कुमार झा की जगह ली है, जिन्हें 30 नवंबर को रिटायर होने को लेकर DVC हेडक्वार्टर वापस बुला लिया गया है। इस बात की पुष्टि करते हुए, व्यास ने कहा, “मैं CEO के तौर पर BPSCL में ज्वाइन कर लिया हूं।”
बता दें बीपीएससीएल, DVC और SAIL का एक जॉइंट वेंचर है, जो 338 MW का थर्मल पावर प्लांट है। यह अपनी सारी बिजली बोकारो स्टील प्लांट (BSL) को सप्लाई करता है। बोकारो टाउनशिप काफी हद तक इसके पावर जेनरेशन पर निर्भर है।
सुधीर व्यास ने ऐसे समय में पदभार संभाला है जब कंपनी बड़े प्रदूषण मुद्दों से जूझ रही है। अप्रैल 2025 में, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) ने फ्लाई ऐश के डिस्पोज़ल नहीं होने को लेकर BPSCL पर 2.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। विस्थापित इलाके में मौजूद फ्लाई ऐश तालाब लगातार प्रदूषण से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे लोगो को स्वास्थ समस्याएं होने लगी है।
कुछ महीने पहले, BSL के विस्तार के लिए JSPCB द्वारा आयोजित की गई एक पब्लिक हियरिंग में BPSCL फ्लाई ऐश तालाब से हो रहे प्रदूषण को लेकर विस्थापितों ने कड़ा विरोध किया था। मामला इतना बिगड़ गया कि प्रदूषण विभाग के और प्रसाशनिक अधिकारियों को हियरिंग बीच में ही छोड़ कर जाना पड़ा था।

