Bokaro: जयंत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के कथित अवैध कार्यालय को ध्वस्त करने की मांग को लेकर शहर में जारी धरना-प्रदर्शन के बीच बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन हरकत में आ गया है। बीएसएल के नगर प्रशासन विभाग ने शनिवार को सेक्टर-6 स्थित उक्त निर्माण को अवैध मानते हुए एस्टेट कोर्ट (Estate Court) में मामला दर्ज करा दिया है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई एस्टेट कोर्ट में होगी।
बढ़ते जनदबाव को देखते हुए
सूत्रों के अनुसार, आरोपी के अवैध कार्यालय को ध्वस्त करने की मांग को लेकर बढ़ते जनदबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने बीएसएल प्रबंधन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद बीएसएल के नगर प्रशासन विभाग ने चिन्हित स्थल पर 16 दिसंबर से अबतक तीन नोटिस चस्पा किए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने एस्टेट कोर्ट में मामला दर्ज़ कराया है ।
इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम
एस्टेट कोर्ट की प्रक्रिया के तहत अब संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलता है, तो एविक्शन नोटिस पारित किया जाएगा। इसके बाद चास एसडीओ से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मांग की जाएगी। निर्धारित तिथि पर एसडीओ के आदेश के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई संभव होगी। सूत्रों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक माह का समय लग सकता है।

धरना स्थल पर
इधर शनिवार को सर्व समाज न्याय मंच के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने नगर प्रशासन कार्यालय के समक्ष धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी विनोद खोपड़ी के अवैध निर्माण, जिसे लोग ‘टॉर्चर सेंटर’ कह रहे हैं, को तत्काल ध्वस्त किया जाए। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से माइकिंग कर धरनास्थल खाली करने की अपील की गई। चास एसडीओ ने धरना देने की अनुमति एडीएम के समक्ष टू टैंक गार्डन में दी है।
यह बहुत निराशाजनक है
विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोगों का कहना है कि BSL मैनेजमेंट बिना किसी हिचकिचाहट के किसी भी अवैध दुकान या घर को गिरा देता है, लेकिन हत्या के आरोपी विनोद खोपड़ी के अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह बहुत निराशाजनक है। BSL अधिकारी भी ढीला रवैया अपना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कई अधिकारी तो एस्टेट कोर्ट में केस दर्ज करने से भी हिचकिचा रहे थे।
आक्रोशित लोग लगातार आरोपी के
बताया जा रहा है कि हत्याकांड के बाद से ही आक्रोशित लोग लगातार आरोपी के कार्यालय को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हैं। कैंडल मार्च से लेकर उपायुक्त और बीएसएल के वरीय अधिकारियों से मुलाकात तक, आंदोलनकारियों ने अपनी मजबूती से बात रखी है। यहां तक कि मृतक की पत्नी ने भी उपायुक्त से मुलाकात कर विनोद खोपड़ी के कार्यालय को गिराने की मांग की थी।
ज्ञात हो कि बोकारो स्टील प्लांट (BSL) का संपदा न्यायालय (Estate Court) बीएसएल की संपत्तियों (जैसे क्वार्टर और जमीन) पर अवैध कब्जों से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है, और ऐसे कब्जों को खाली कराने के लिए कानूनी कार्रवाई करता है।

