Bokaro: शहर के बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) से सेक्टर-4 थाना के बीच सड़क किनारे बन रहा एक पार्क इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे व्यंग्य में ‘अतिक्रमण पार्क’ कह रहे हैं। चर्चा है कि यह पार्क अवैध बस्ती को ढकने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि पार्क में इस्तेमाल की गई सामग्री भी कचरे और अनुपयोगी सामान से तैयार की गई है। लोगो का कहना है कि ऐसा पार्क पुरे देश में नहीं होगा।
गमलों की जगह इस्तेमाल किये गये टॉयलेट पैन और बेसिन
बताया जा रहा है कि पार्क में गमलों की जगह कार्यालयों के पुराने टॉयलेट पैन (Used Toilet Pan) में फूल लगाए गए हैं। दीवारों की सजावट के लिए इस्तेमाल किए हुए वॉश बेसिन लगाए गए हैं। वहीं टूटी मेज, फटे टायर, लकड़ी के टुकड़े, सिटी पार्क वाली टूटी हुई पेडल बोट और पत्थरों को रंग-रोगन कर कम खर्च में पार्क निर्माण का संदेश देने की कोशिश की गई है। पार्क में लगाया जा रहा बिजली का पोल भी पुराना है। अभियान के दौरान बीएसएल (BSL) की टीम द्वारा नोच कर लाये गए तारों से वायरिंग की जाएगी। See Video-
छिपाने के लिए सड़क किनारे लंबी बाउंड्री वॉल
यह पूरा निर्माण बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन द्वारा कराया जा रहा है। इसके साथ ही बीजीएच से सेक्टर-4 थाना तक सड़क किनारे लंबी सीमेंटेड बाउंड्री वॉल भी खड़ी की गई है। लोगों का कहना है कि यह दीवार और पार्क व्यापक रूप से फैली अतिक्रमित बस्ती को छिपाने के लिए बनाया गया है। कुछ का मानना है कि पार्क और बाउंड्री वॉल बनाकर बीएसएल (BSL) अप्रत्यक्ष रूप से उस बस्ती को वैध बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती के निवासियों की सुविधा के लिए बाउंड्री वॉल में तीन स्थानों पर चौड़े रास्ते भी दिए गए हैं।

क्या ईडी ने इसलिए बनवाई बाउंड्री ?
एक अन्य तर्क यह भी दिया जा रहा है कि इसी मार्ग से सेक्टर-4 क्षेत्र में रहने वाले कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमे अधिशासी निदेशक (ED) स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, नियमित रूप से आवास से ऑफिस आना-जाना करते हैं। अतिक्रमित बस्ती बार-बार सामने न पड़े इससे बचने के लिए पहले बाउंड्री वॉल और फिर पार्क का निर्माण कराया गया। नगर प्रसाशन विभाग जो ये बॉउंड्री वाल और पार्क बनवा रहा है ईडी ह्यूमन रिसोर्स के अंदर आता है। इस संबंध में ईडी (एचआर) राजश्री बनर्जी से पीआरओ के माध्यम से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
एयरपोर्ट और शहर में कटीले तार और रास्ते में बॉउंड्रीवॉल
लोग सवाल उठा रहे हैं कि एयरपोर्ट विस्तार के लिए खाली कराई गई जमीन पर पक्की बाउंड्री वॉल नहीं बनाई गई, वहां केवल कंटीले तार लगाए गए हैं। शहर में भी पिलर लगाकर ही कटीले तार लगाए जा रहे है। कई जगह तो लोगो ने कटीले तार को लपेटकर-हटाकर दूकान चालू कर लिया हैं। एयरपोर्ट के बगल में खाली कराइ गई जमीन पर कटीले तार लगाने के बावजूद लोग लौटना शुरू कर दिए है। पर वहां बॉउंड्रीवॉल खड़ा ईडी व् अन्य अधिकरियों को शायद जरुरी नहीं लगा। वहीं बीजीएच के पास लाखों रुपये खर्च कर दीवार और पार्क बनाना प्राथमिकता क्यों दी गई ?
अचानक कार्रवाई रोक कर बनाया जा रहा ‘अतिक्रमण पार्क’
उल्लेखनीय है कि जिस अतिक्रमित बस्ती को अब पार्क के जरिए ढका जा रहा है, वह कुछ वर्ष पहले तब सुर्खियों में आई थी, जब बीएसएल नगर प्रशासन की टीम उसे खाली कराने पहुंची थी। उस दौरान पथराव, प्राथमिकी और जेसीबी से अवैध मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी हुई थी। बीएसएल अधिकारियों ने उसपर खूब वाह-वाही भी बटोरी थी। बाद में बीएसएल प्रबंधन ने अचानक कार्रवाई रोक दी। अब उसी बस्ती के सामने शहर का पहला ‘अतिक्रमण पार्क’ बन रहा है, जिसका उद्घाटन ईडी (ह्यूमन रिसोर्स) द्वारा किए जाने की चर्चा है।

