Bokaro: जिले की पहचान को राज्य स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने नावाडीह एवं जरीडीह कृषक पाठशाला में स्थापित मधुमक्खी पालन (Bee Farming) इकाइयों से उत्पादित शहद (Honey) की ब्रांडिंग कर उसे ‘बोकारो ब्रांड’ के रूप में बाजार में उतारने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित शुद्ध शहद को संगठित ब्रांड पहचान मिलने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि बोकारो को कृषि आधारित नवाचारों के लिए नई पहचान भी मिलेगी।
यह निर्देश समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी सहित कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान और आत्मा परियोजना के पदाधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य करने और योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में जरीडीह कृषक पाठशाला के अधूरे कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने संस्था सचिव को 20 फरवरी 2026 तक सभी स्वीकृत कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही कृषक पाठशाला परिसर में जलजमाव वाले क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और आजीविका सृजन को लेकर सात दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। जरीडीह कृषक पाठशाला से जुड़े कार्यों के लिए 75 प्रतिशत भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

नावाडीह कृषक पाठशाला में मशरूम उत्पादन इकाई की स्थापना, मिलेट मिशन के तहत मिलेट उत्पादों के प्रचार हेतु कैफेटेरिया खोलने, सोलर पंप के लिए क्लस्टर निर्माण और सहकारिता विभाग के तहत गोदाम निर्माण जैसे विषयों पर भी निर्णय लिए गए। उपायुक्त ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और बोकारो को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।

