Bokaro: शहर के सेक्टर-4 जी सूर्य मंदिर के समीप डीपीएस स्कूल बस की चपेट में आने से भेलपुरी का ठेला लगाने वाले धनेश्वर यादव (49) की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूर्य मंदिर के समीप जहां दुर्घटना हुई थी, उस सड़क को जाम कर दिया। बताया जा रहा है कि हादसे से आक्रोशित लोगों ने सेक्टर-4 स्थित डीपीएस स्कूल परिसर में गेट नंबर-3 से प्रवेश कर खड़ी बसों में तोड़फोड़ की, जिससे कई बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए उन्हें परिसर से बाहर निकाला। वहीं, सेक्टर-5 स्थित डीपीएस के प्राइमरी विंग में पुलिस की सतर्क मौजूदगी रही ताकि आक्रोशित लोग अंदर प्रवेश नहीं कर सके।
आक्रोशित लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए
घटना के बाद एहतियातन डीपीएस प्रबंधन ने कुछ इलाकों की बस सेवाएं रद्द कर दीं। अभिभावकों को संदेश भेजकर स्कूल आकर बच्चों को ले जाने को कहा गया, जिससे कई अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई रूटों पर बसें देरी से पहुंचीं। इधर हादसे के बाद आक्रोशित लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए और आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बताया गया कि मृतक मूल रूप से हजारीबाग जिले का निवासी था और वर्षों से सेक्टर-4 क्षेत्र में रहकर जीविकोपार्जन कर रहा था।
पुलिस मौके पर पहुंची और …
बताया गया कि मंगलवार सुबह यह हादसा सेक्टर-4 एफ और 4 जी को जोड़ने वाली सड़क पर हुआ, जब धनेश्वर यादव शौच के लिए जा रहे थे। इसी दौरान डीपीएस स्कूल की एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक बस लेकर फरार हो गया। सूचना पर सेक्टर-4 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, “सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बस और चालक की पहचान की जा रही है।”

नियमानुसार हरसंभव सहायता की जा रही है
इधर, बस-दुर्घटना को लेकर डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा, “इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से डीपीएस बोकारो प्रबंधन मर्माहत है। विद्यालय परिवार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ा है।” उन्होंने बताया कि “विद्यालय में आउटसोर्सिंग पर बस चलाने वाली एजेंसी द्वारा नियमानुसार हरसंभव सहायता की जा रही है और समुचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।”
परिसर में घुसकर वाहनों में की गई तोड़फोड़ निंदनीय
प्राचार्य ने आगे कहा, “प्रशासन की मौजूदगी में हुई सर्वसम्मत समझौता वार्ता के आलोक में मृतक की पत्नी और एक पुत्र को उनकी योग्यता के अनुसार अनुबंध पर नियोजन भी दिया जाएगा।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि “विद्यालय प्रबंधन के सहयोगात्मक रवैये के बावजूद परिसर में घुसकर वाहनों में की गई तोड़फोड़ निंदनीय होने के साथ-साथ विधिसम्मत भी नहीं है।”

