Bokaro: चास नगर निगम चुनाव में मेयर (Mayor) पद के लिए दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर दिन कोई न कोई नया चेहरा सामने आ रहा है। इस बार चुनाव दलगत नहीं होने के बावजूद राजनीतिक दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवार मैदान में उतार रहे हैं, जिससे पार्टियों के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की बोकारो जिला इकाई ने गुरुवार देर शाम आनन-फानन में अपने समर्थित उम्मीदवार के रूप में उमेश ठाकुर के नाम की घोषणा कर दी। उमेश ठाकुर रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं।

नाम सामने आते ही कई लोग हो गए हैरान..

झामुमो (JMM) जिला अध्यक्ष ने इसे केंद्रीय समिति का निर्देश बताते हुए कहा कि पार्टी इस बार जमीनी स्तर (Ground Level) के कार्यकर्ता को मौका देना चाहती है। इसी सोच के तहत चास निवासी उमेश ठाकुर (Umesh Thakur) को समर्थन दिया गया है। हालांकि चास (Chas Municipal Election) में मेयर की रेस में उमेश ठाकुर का नाम सामने आते ही कई लोग हैरान नजर आए। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि चुनाव के दौरान ही उन्हें अपनी पहचान स्थापित करनी होगी। और कही ऐसा न हो की जबतक उमेश ठाकुर अपनी पहचान 35 वार्डो के 155 पोलिंग बूथ स्तर पर स्थापित करेंगे तब-तक चुनाव पार हो चूका हो। वैसे मेयर की रेस में झामुमो के प्रतिद्वंदी इसे ‘स्वागतयोग्य कदम’ बता रहे हैं-मानो भीतर ही भीतर उन्हें खुशी मनाने का मौका मिल गया हो।
गेम हो गया

दिलचस्प यह है कि इससे पहले झामुमो के महानगर अध्यक्ष मंटू यादव का नाम संभावित चेहरे के रूप में उभर रहा था। बीते छह महीनों से बूथ स्तर को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के नेतृत्व में निभाई जा रही थी। दिलचस्प बात ये भी है कि गुरुवार दिन में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन की कमान भी मंटू यादव ने संभाली थी, लेकिन देर शाम सर्किट हाउस में आनन-फानन में पत्रकार वार्ता आयोजित कर उमेश ठाकुर को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। कार्यकर्ता माला लेकर आये तो मंटू यादव बगल में खड़े हो गए और ये बोलते नजर आये कि “उनको (उमेश ठाकुर) को माला पहनाइये। उनको जिताना है।”

खींचतान और रूसा-फूली शुरू
सूत्रों के अनुसार, इस फैसले को लेकर पार्टी के भीतर भी असंतोष उभर आया है। कई कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) और विधायक कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) की विदेश वापसी के बाद निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे थे। अचानक हुई घोषणा से नाराज कार्यकर्ताओं में रोष है। चूंकि चुनाव दलगत नहीं है, ऐसे में मेयर के रेस में अन्य दावेदार भी नाराज झामुमो कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुट गए हैं। वहीं, उमेश ठाकुर और जिला इकाई डैमेज कंट्रोल में जुटी है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के समर्थित उम्मीदवारों के सामने आते ही चास की सियासत और गरमा जाएगी।


