Bokaro: गोमिया प्रखंड के कंडेर पंचायत अंतर्गत दरहाबेड़ा गांव में बुधवार रात एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। देर रात 5–6 जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और एक घर की दीवार तोड़ने लगा। खतरे को समझते हुए करमचंद सोरेन ने सबसे पहले अपनी पत्नी और छोटे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद वह अपने बड़े बेटे को बचाने के लिए दोबारा घर में लौटे। इसी दौरान एक हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हाथी ने करमचंद को पटक कर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में उनका पुत्र भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। आशंका है कि हाथियों का झुंड अब भी आसपास के जंगल में मौजूद है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।
रविवार को मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्द निषेध विभाग आदरणीय श्री योगेंद्र प्रसाद जी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए आश्रित परिवार से भेंट कर ढांढस बंधाया। उन्होंने सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रुपए मुआवजा शीघ्र दिलाने का भरोसा भी दिया।

नावाडीह में भी हाथियों का उत्पात
इसी बीच, नावाडीह प्रखंड में भी जंगली हाथियों के झुंड ने कम से कम पांच घरों को नुकसान पहुंचाया और ग्रामीणों में दहशत मचा दी। हाथी रात में भोजन की तलाश में गांव में घुसे, जिससे परिवारों को भागना पड़ा। कोई चोट नहीं आई, लेकिन संपत्ति को नुकसान हुआ। वन विभाग की टीम झुंड को जंगल में वापस भेजने के प्रयास कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।


