Bokaro: विविध धातु और खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कर पश्चात लाभ सालाना आधार पर 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7,807 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बेहतर संचालन और अनुकूल बाजार स्थितियों को दर्शाता है।

तीसरी तिमाही में वेदांता की कुल आय 45,899 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 15,171 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के चलते ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर 41 प्रतिशत हो गया।
कंपनी की बैलेंस शीट भी और मजबूत हुई है। नेट कर्ज बनाम ईबीआईटीडीए अनुपात घटकर 1.23 गुना रह गया, जबकि निवेश पर रिटर्न 27 प्रतिशत दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में वेदांता ने विकास और विस्तार योजनाओं पर करीब 1.3 अरब डॉलर का निवेश किया है।

उत्पादन मोर्चे पर एलुमिनियम, एलुमिना, जिंक, आयरन ओर, कॉपर और पावर जैसे सभी प्रमुख कारोबारों में रिकॉर्ड या मजबूत उत्पादन दर्ज किया गया। खासकर कॉपर कैथोड का उत्पादन पिछले सात वर्षों में सबसे अधिक रहा, जबकि पावर कारोबार में बिक्री 61 प्रतिशत बढ़ी।
इस तिमाही में कंपनी को प्रस्तावित डीमर्जर के लिए एनसीएलटी की मंजूरी भी मिली। इसके बाद रेटिंग एजेंसियों ने कंपनी की एए क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी। प्रबंधन का कहना है कि यह तिमाही वेदांता के अगले विकास चरण की मजबूत नींव साबित होगी।
कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया:
वेदांता लिमिटेड के एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने कहा कि यह तिमाही कंपनी के लिए बेहद अहम रही है। सभी प्रमुख कारोबार में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ डीमर्जर की मंज़ूरी वेदांता के अगले विकास चरण की मज़बूत नींव रखती है। वहीं, कंपनी के चीफ़ फाइनेंशियल ऑफिसर अजय गोयल ने कहा कि मुनाफ़े, आय और EBITDA में हुई बढ़ोतरी से कंपनी की वित्तीय मजबूती और बाज़ार का भरोसा साफ़ झलकता है।


