Bokaro: ज़िले के गोमिया प्रखंड के बड़की पुन्नू गांव में एक बड़ा हादसा हुआ है। पांच हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचलकर मार डाला, जिसमें पति-पत्नी भी शामिल हैं। इस घटना में एक व्यक्ति घायल भी हुआ है। स्थिति का जायजा लेने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। पिछले एक महीने में गोमिया ब्लॉक में हाथियों के हमले की ये तीसरी घटना है जिनमे अबतक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
गांववालों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 3 बजे हुई जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। पांच हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर खाने की तलाश में गांव में घुस गया और तबाही मचा दी। इससे पहले कि ग्रामीण कुछ समझ पाते, हाथी गंगवा करमाली के घर के आंगन में पहुंच गए। गंगवा करमाली, अपनी जान बचाने के लिए घर से भागने कोशिश की, पर हाथियों ने उसे पकड़ लिया और सूड़ में लपेटकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
अपने पति की चीख सुनकर उसकी पत्नी, कमली देवी, बाहर आई, लेकिन हाथियों ने उसे भी कुचल दिया। पति-पत्नी दोनों की मौके पर ही दुखद मौत हो गई। इसी दौरान, गंगवा करमाली की भाभी, भगिया देवी ने भी भागने की कोशिश की, लेकिन एक हाथी ने उसे भी कुचल दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। इस हमले में एक और व्यक्ति घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

IFS अधिकारी संदीप शिंदे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि झुंड में पांच हाथी हैं। वे गोमिया के बरकीपुन्नू इलाके में काफी दिनों से घूम रहे थे। वन विभाग की टीम झुंड पर कड़ी नज़र रख रही है। झुंड को इलाके से भगाने के लिए बाहर से एक विशेषज्ञ टीम बुलाई जा रही है। वन विभाग शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ितों का घर जंगल के पास है, जिससे हाथियों के लिए गांव में घुसना आसान हो गया। इस घटना से पूरे इलाके में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग हाथियों को वापस जंगल में भेजे और प्रभावित परिवार को मुआवजा दे।

