Bokaro: जिले के महुआटांड़ क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। बड़कीपुन्नू के करमाली टोला में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की मौत की घटना के बाद शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे महुआटांड़ थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव में हाथियों ने फिर कहर बरपाया। इस बार दादा और पोते की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों के हमले में सोमर साव (50) और उनके पांच वर्षीय पोते अमन कुमार की जान चली गई। वहीं सोमर की पोती राशि कुमारी (11), नाती राहुल कुमार (7) और समधन शांति देवी (60) गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। घायलों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत सदर अस्पताल, रामगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। See Video-
गांव में बिजली नहीं थी
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय गांव में बिजली नहीं थी। सोमर साव अपने घर से सटे एक पेड़ के पास खड़े थे, तभी हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों ने उन्हें पटकते हुए घर तक घसीट लिया और वहीं मौजूद अन्य परिजनों पर भी हमला कर दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बड़ी क्षति हो चुकी थी।

गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले बड़कीपुन्नू के करमाली टोला में भी इसी झुंड ने एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की जान ले ली थी। महज 40 घंटे के भीतर दो बड़ी घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि जिन इलाकों में हाथियों का विचरण है, वहां बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
वंतारा रेस्क्यू टीम से संपर्क कर रहा प्रसाशन
इधर, उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि 5 और 6 फरवरी को हाथी हमलों में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल के बांकुरा से 16 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। साथ ही ‘वंतारा’ रेस्क्यू टीम से भी संपर्क किया गया है। मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया जा रहा है। संवेदनशील गांवों में गश्त बढ़ाई गई है, टॉर्च-मशालें बांटी जा रही हैं और भविष्य में सोलर लाइट लगाने की योजना शुरू की गई है। प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने तक सतत निगरानी का भरोसा दिलाया है।

