Bokaro: सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर GGSESTC इंजीनियरिंग कॉलेज , कांड्रा चास में आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य समाज के हर वर्ग – छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और शिक्षकों – को इंटरनेट के सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग के प्रति संवेदनशील बनाना था।

पुलिस महानिरीक्षक सुनील भास्कर ने कहा कि आज इंटरनेट शिक्षा, बैंकिंग, प्रशासन और संचार की रीढ़ बन चुका है, लेकिन लापरवाही एक क्लिक में जीवन भर की कमाई और पहचान छीन सकती है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी व केवाईसी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बढ़ते मामलों पर उन्होंने गहरी चिंता जताई। See Video-
पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने लोगों से ओटीपी साझा न करने, अज्ञात कॉल व संदेशों से सतर्क रहने और निजी जानकारी सीमित रखने की अपील की। डिजिटल सशक्तिकरण तभी सुरक्षित है, जब साइबर जागरूकता को दैनिक आदत बनाया जाए। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की किसी भी घटना की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है।


