Bokaro: एम/एस लक्ष्या पावरटेक प्रा. लि. के श्रमिक संजय कुमार महतो समेत चार कामगारों की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की। कंपनी, एम/एस इक्विनॉक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड (ओएनजीसी लिमिटेड के मुख्य ठेकेदार) की उप-ठेकेदार है। श्रमिकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें देय मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रबंधन व श्रमिकों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों की समीक्षा की गई। प्रशासन के हस्तक्षेप और लगातार समन्वय के बाद लंबित मजदूरी भुगतान सुनिश्चित कराया गया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता चार श्रमिकों को ₹1,44,470 का भुगतान कराया गया। वहीं, कंपनी के 295 अन्य श्रमिकों को ₹57,82,111.50 की राशि दी गई। इस प्रकार कुल 307 श्रमिकों को ₹61,86,598.50 का भुगतान सुनिश्चित हुआ। इस राशि में पूर्व में निपटाई गई दो शिकायतों के भुगतान भी शामिल हैं।

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (केंद्रीय) दुर्गा प्रसाद बारीक ने कहा कि श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मजदूरी भुगतान में लापरवाही या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

