Bokaro : यात्रियों की सुरक्षा और सफर को अधिक आरामदायक बनाने की दिशा में दक्षिण पूर्व रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 12885/12886 शालीमार–भोजुडीह–शालीमार अरण्यक एक्सप्रेस में पारंपरिक आईसीएफ रेक की जगह अब आधुनिक एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 23 फरवरी 2026 से शालीमार और भोजुडीह दोनों दिशाओं से लागू होगी।

एलएचबी कोच अत्याधुनिक तकनीक से लैस
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच अत्याधुनिक तकनीक से लैस होते हैं। इनमें उन्नत सस्पेंशन प्रणाली, आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और बेहतर सुरक्षा मानक उपलब्ध हैं। ये कोच उच्च गति पर भी संतुलित संचालन में सक्षम होते हैं, जिससे यात्रियों को झटकों से राहत मिलती है और सफर अधिक सुरक्षित बनता है।
यात्रियों को आधुनिक और
रेल प्रशासन का कहना है कि एलएचबी कोचों के समावेशन से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में भी ये कोच अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को आधुनिक और उन्नत रेल सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इसी कड़ी में यह पहल की गई है।


