Bokaro: गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों के लगातार हमलों और उससे हो रही जान-माल की क्षति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत 34 भवनों को अस्थायी आश्रय स्थल घोषित कर दिया है।

हाथी फिर बोकारो में घुसे
बताया जा रहा है कि पांच हाथियों का झुंड, जिसने जनवरी से अब तक रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में करीब एक दर्जन लोगों की जान ले ली है, गुरुवार को झुमरा पहाड़ क्षेत्र से दोबारा जिले में प्रवेश कर गया। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सुरक्षित ठहराव
उपायुक्त अजय नाथ झा ने महुआटांड़, बड़कीपुन्नू, पचमो, तिलैया और कण्डेर पंचायतों के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन एवं पेयजल भवनों को सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में चिन्हित करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने कहा कि हाथियों की गतिविधि के दौरान ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित ठहराव उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है।

संवेदनशील बस्तियों
वन पदाधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि आश्रय स्थल संवेदनशील बस्तियों के समीप बनाए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो (तेनुघाट), बीडीओ व अंचल अधिकारी गोमिया को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखने पर घबराएं नहीं और निकटतम आश्रय स्थल में पहुंचें।

