Bokaro: बिना बताये निकल गए 17 वर्षीय एक छात्र को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया है। छात्र बोकारो के नामी प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है और एक हॉस्टल में रहता है। वह सुबह अचानक बिना किसी को बताए कमरे से निकल गया था। उसने अपने माता-पिता के लिए एक संदेश छोड़ दिया था, जिसमें लिखा था कि वह गृह त्याग कर रहा है। बेटे के इस संदेश को पढ़ते ही परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत थाना पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

माता-पिता ने पुलिस से लगाई मदद की गुहार
थाना पहुंचे माता-पिता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में तेज होने के साथ-साथ चित्रकला और कविता लेखन में भी काफी रुचि रखता है। लेकिन हाल के दिनों में वह जीवन और समाज को लेकर गहरे विचारों में डूबा रहता था। अचानक उसके इस तरह घर छोड़कर निकल जाने से पूरा परिवार सदमे में था।
पुलिस ने तुरंत शुरू की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी संजय कुमार ने डीएसपी सिटी अलोक रंजन को सुचना दी। जिसके बाद डीएसपी ने तत्काल एक पुलिस टीम गठित कर छात्र की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सबसे पहले उसके दोस्तों और कॉलेज के साथियों से संपर्क कर जानकारी जुटाई। बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि छात्र आत्म-खोज और जीवन के उद्देश्य को समझने को लेकर अक्सर गहरी बातें किया करता था।

रैपीडो चालक से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि छात्र रैपीडो बाइक से गया था। पुलिस ने रैपीडो चालकों से संपर्क किया और छात्र की तस्वीर साझा की। इसी दौरान एक चालक ने जानकारी दी कि उसने छात्र को सुबह बोकारो रेलवे स्टेशन तक छोड़ा था।
ट्रेन में चला तलाशी अभियान
इसके बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस के सहयोग से छात्र की तलाश तेज कर दी। तकनीकी जानकारी से पता चला कि छात्र ने बोकारो से रांची और फिर दिल्ली के लिए टिकट लिया था। सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी की मदद से ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया गया। अंततः रामगढ़ कैंट स्टेशन के पास ट्रेन की एक बोगी से छात्र को सकुशल बरामद कर लिया गया।
बेटे को देखकर भावुक हुए परिजन
छात्र के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। रामगढ़ स्टेशन पर बेटे को देखते ही मां ने उसे गले से लगा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह केवल एक लापता छात्र को खोजने का मामला नहीं था, बल्कि एक परिवार की उम्मीदों को फिर से जोड़ने का प्रयास था। पुलिस की तत्परता से छात्र सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट सका।

