Bokaro: सिटी थाना पुलिस ने विस्थापित संघ के 18 नामजद सदस्यों सहित करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला सिटी थाना के एसआई महती बोयपाई की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, विस्थापितों ने प्रशासन की अनुमति के विपरीत स्थान पर धरना देकर आदेश की अवहेलना की और प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार को जाम कर दिया।

अनुमति टू टैंक गार्डेन में, धरना एडीएम भवन के सामने
शिकायत में बताया गया है कि विस्थापित संघ की ओर से छह मार्च को एडीएम बिल्डिंग के समक्ष धरना देने के लिए एसडीओ को आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर गोमति देवी, अजय कुमार, रामपाल महतो, महेंद्र महतो और सीताराम महतो के संयुक्त हस्ताक्षर थे।
पूर्व में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए एसडीओ ने छह मार्च को टू टैंक गार्डेन स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की सशर्त अनुमति दी थी।

बेरिकेटिंग हटाकर मुख्य द्वार पर बैठ गए प्रदर्शनकारी
पुलिस के अनुसार, छह मार्च को करीब साढ़े बारह बजे गोमति देवी, अजय कुमार, रामपाल महतो, महेंद्र महतो, सीताराम महतो, उत्तम महतो, हसनुल्ला बाबू, विक्रम, शांति देवी, फुलचंद जी, राज कुमार, चंद्रकांत, प्रदीप महतो, दुर्गा चरण महतो, अशोक कुमार, जिलानी, प्रदीप सोरेन और सुनील महतो समेत 150-200 अज्ञात महिला-पुरुष प्रशासनिक भवन के सामने पहुंच गए।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर लगी बेरिकेटिंग को जबरन हटाकर वहीं धरना शुरू कर दिया, जिससे मार्ग बाधित हो गया और विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई।
दो दिनों तक जाम रहा मुख्य द्वार
एसआई महती बोयपाई के अनुसार प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। छह मार्च से शुरू हुआ धरना सात मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे तक जारी रहा। इस दौरान प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विस्थापित नेता बोले- मुकदमे से नहीं डरेंगे
इधर, विस्थापित नेता ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने से विस्थापित डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बोकारो स्टील प्रबंधन विस्थापित विरोधी है और इसके खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

