Bokaro: महुआ संकलन के लिए जंगलों में आग लगाने की घटनाओं को लेकर प्रशासन और वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि इससे न केवल जंगलों को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि आसपास के गांवों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

जंगलों तक तेजी से फैल रही आग
वन विभाग के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लापरवाही में लगाई गई आग अब लुगू बुरु क्षेत्र के घने जंगलों तक तेजी से फैल रही है। यह क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक अधिवास माना जाता है। जंगलों में आग और धुएं के कारण हाथियों का झुंड विचलित हो सकता है, जिससे वे जान बचाने के लिए आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं।
जान-माल के नुकसान
अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसी स्थिति बनी तो हाथियों के झुंड द्वारा क्षेत्र में भारी तबाही और जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए वन विभाग और प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।

बख्शा नहीं जाएगा
वन प्रमंडल की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जंगल में आग लगाने या आग फैलाने में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सीधे जेल भेजा जा सकता है।
सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जंगलों को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। लोग जंगलों में आग लगाने जैसी खतरनाक गतिविधियों से दूर रहें और अपने गांव तथा आसपास के इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करें।

