सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (सेल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) और वार्षिक वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने उत्पादन, बिक्री और लाभ के मोर्चे पर मजबूत और स्थिर प्रदर्शन दर्ज किया है।

उत्पादन में हल्की बढ़त, बिक्री में तेज उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 में सेल का कच्चा इस्पात उत्पादन बढ़कर 19.43 मिलियन टन पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 19.17 मिलियन टन था। हालांकि वृद्धि मामूली रही, लेकिन बिक्री मात्रा में 11.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में बेहतर पकड़ और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को दर्शाती है।
मुनाफे में जोरदार उछाल, कर्ज में बड़ी कमी
कंपनी के वित्तीय परिणामों में सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे में देखा गया। EBITDA, कर-पूर्व लाभ (PBT) और शुद्ध लाभ (PAT) में तेज वृद्धि दर्ज की गई। शुद्ध लाभ में लगभग 50.5 प्रतिशत और कर-पूर्व लाभ में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्ज में 8,148 करोड़ रुपये की कमी कर वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है।

तिमाही प्रदर्शन में भी सुधार का रुझान
Q4 के आंकड़ों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जहां बिक्री, उत्पादन और लाभ सभी में पिछली तिमाही की तुलना में सुधार हुआ। वार्षिक आधार पर परिचालन से आय बढ़कर 1,10,810 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो कंपनी के स्थिर विस्तार को दर्शाती है।
प्रबंधन का बयान और भविष्य की रणनीति
सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि कंपनी का प्रदर्शन परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और बाजार रणनीति का परिणाम है। भविष्य में कंपनी का फोकस वैल्यू-ऐडेड और स्पेशल स्टील उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर रहेगा, जिससे दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।
शेयरधारकों के लिए लाभांश की घोषणा
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये के प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 2.35 रुपये (23.5 प्रतिशत) अंतिम लाभांश की सिफारिश भी की है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

