Bokaro: सेल ने अब केवल ठेका मजदूरों ही नहीं, बल्कि अधिकारियों और गैर-अधिकारियों की संख्या घटाने की दिशा में भी बड़ा कदम बढ़ा दिया है। चर्चा है कि पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लाई गई है और इसके बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया भी लागू की जा सकती है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी Steel Authority of India Limited द्वारा तैयार किए गए नए वीआरएस ड्राफ्ट ने बोकारो समेत सेल के विभिन्न प्लांटों में कर्मचारियों के बीच हलचल तेज कर दी है।

उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर नई रणनीति
सूत्रों के अनुसार, कंपनी “मैनपावर ऑप्टिमाइजेशन” और उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर कर्मचारियों की संख्या कम करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। नई योजना में साफ किया गया है कि यह स्कीम नियमित कर्मचारियों पर लागू होगी, जबकि ठेका, कैजुअल और अस्थायी कर्मियों को इससे बाहर रखा गया है। हालांकि कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में स्थायी कर्मचारियों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
50 साल उम्र और 15 साल सेवा वालों को मौका
ड्राफ्ट के मुताबिक 50 वर्ष या उससे अधिक आयु तथा कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कार्यपालक और गैर-कार्यपालक कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर सकेंगे। अधिकारियों के लिए एसीपी (एवरेज क्रेडिट पॉइंट) का मानदंड भी तय किया गया है। 57 वर्ष से अधिक उम्र वाले अधिकारियों को किसी भी एसीपी पर आवेदन की अनुमति होगी।

गुजरात फॉर्मूला से तय होगा मुआवजा
योजना में वीआर मुआवजे की गणना गुजरात फॉर्मूला के आधार पर की जाएगी। कर्मचारियों को बेसिक पे और डीए के आधार पर एकमुश्त भुगतान मिलेगा। इसके अलावा ग्रेच्युटी, पीएफ, लीव एनकैशमेंट, मेडिकल सुविधा, पेंशन/एनपीएस तथा कंपनी आवास से जुड़े लाभ भी सुपरएन्युएशन की तरह दिए जाएंगे।
वीआर लेने वालों पर दोबारा नौकरी की रोक
सबसे अहम बात यह है कि वीआर लेने वाले कर्मचारी को सेल या उसकी सहायक इकाइयों में दोबारा नौकरी नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, यदि कोई कर्मचारी बाद में किसी अन्य केंद्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रम में नौकरी करना चाहता है तो उसे वीआरएस के तहत मिली राशि लौटानी होगी।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, जांच वालों के आवेदन खारिज
नई प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। आवेदन “फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व” आधार पर स्वीकार होंगे और लक्ष्य पूरा होने पर आवेदन विंडो समय से पहले भी बंद की जा सकती है। जिन कर्मचारियों पर सतर्कता, अनुशासनात्मक कार्रवाई या जांच लंबित होगी, उनके आवेदन सीधे खारिज किए जा सकते हैं।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति की चर्चा ने बढ़ाई बेचैनी
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि वीआरएस के जरिए पहले स्वैच्छिक तरीके से संख्या घटाई जाएगी और बाद में अनिवार्य सेवानिवृत्ति का रास्ता खोला जा सकता है। हालांकि सेल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।






