Bokaro: बढ़ते जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट के बीच बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने वाली नवाचारी पहलों को सम्मानित किया। पर्यावरण संरक्षण एवं सततता (ईसीएस) विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और अभियानों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

दांतू गांव के छात्रों ने जीता ईको-इनोवेशन अवार्ड
बोकारो इस्पात संयंत्र तथा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, बोकारो सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में दांतू गांव के चार विद्यार्थियों को सौर ड्रायर (सोलर ड्रायर) के उपयोग पर आधारित उनके अभिनव प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित ‘ईको-इनोवेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रभावी उपयोग को नई पहचान दिलाई।
सतत विकास की परियोजनाओं को सराहना
समारोह में संयंत्र, टाउनशिप और अस्पतालों से जुड़ी विभिन्न नवाचारी परियोजनाओं को भी सम्मानित किया गया। विशेष रूप से ऊर्जा प्रबंधन विभाग द्वारा ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में कमी लाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने वाले प्रयासों की सराहना की गई।

जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान “जलवायु परिवर्तन एवं प्रकृति-आधारित समाधान” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (मिशन लाइफ)’ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी और जागरूक जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता बताई।
नवीकरणीय तकनीकों के प्रति किया जागरूक
विशेषज्ञों ने टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की। आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों और सतत विकास की अवधारणाओं के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया गया।

