Bokaro: विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (VSP) में हुए भीषण विस्फोट के बाद केंद्र सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय बाहरी विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सेल के बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक-प्रभारी करेंगे। समिति मंगलवार को विशाखापत्तनम पहुंचकर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और हादसे के तकनीकी कारणों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन मंगलवार के अहले सुबह विशाखापट्नम के लिए रवाना हो गए।

स्टील मेल्ट शॉप में हुआ था भीषण धमाका
बता दें कि सोमवार शाम करीब 4.15 बजे वीएसपी के स्टील मेल्ट शॉप-1 में कास्टर-2 के पास अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट के बाद आग का विशाल गोला उठा और ओवरहेड क्रेन इसकी चपेट में आ गई। हादसा उस समय हुआ जब पिघले हुए इस्पात के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। दुर्घटना में आठ कर्मचारियों की मौत हो गई, जिनमें पांच नियमित कर्मचारी और तीन संविदा कर्मी शामिल हैं। वहीं छह अन्य घायल कर्मचारियों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और नौकरी
केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार, बच्चों को निःशुल्क शिक्षा तथा अन्य वैधानिक लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर रूप से घायलों को 10 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की गई है।

बोकारो के निदेशक प्रभारी सौपेंगे रिपोर्ट
बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी के नेतृत्व वाली विशेषज्ञ समिति तकनीकी कारणों की पड़ताल कर विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। विशेषज्ञ समिति हादसे के कारणों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा संबंधी सुझाव भी देगी। उधर, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) ने भी अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए राहत राशि की घोषणा की है।

