Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) अपने निगमित सामाजिक दायित्व के तहत स्थानीय समुदाय, विशेषकर विस्थापित परिवारों और ग्रामीण युवाओं को शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाना है।

बोकारो प्राइवेट आईटीआई निभा रहा अहम भूमिका
बीएसएल के बोकारो इस्पात शैक्षणिक न्यास द्वारा संचालित बोकारो प्राइवेट आईटीआई इस अभियान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यहां आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे प्रशिक्षुओं को उद्योगों में बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

विस्थापित परिवारों को विशेष सुविधा
संस्थान में 40 प्रतिशत सीटें विस्थापित परिवारों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। इस श्रेणी के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में इलेक्ट्रीशियन, फिटर और वेल्डर जैसे प्रमुख औद्योगिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (सीओपीए), डीजल मैकेनिक तथा फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट जैसे नए ट्रेड शुरू करने की योजना भी बनाई गई है।
2,149 से अधिक विद्यार्थी उठा चुके हैं लाभ
संस्थान की स्थापना से अब तक 2,149 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। ये विद्यार्थी क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) और क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम-ड्यूल के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कैंपस प्लेसमेंट से बढ़ रहे रोजगार के अवसर
आईटीआई में नियमित रूप से आयोजित कैंपस रिक्रूटमेंट एवं प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से देश की प्रतिष्ठित कंपनियां युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। होंडा मोटरसाइकिल, स्पार्क मिंडा, एक्साइड और टीवीएस जैसी कंपनियां यहां से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में करियर की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग से मिल रहा व्यावहारिक अनुभव
बोकारो प्राइवेट आईटीआई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को बोकारो स्टील प्लांट के विभिन्न विभागों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी दी जाती है। इससे उन्हें वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली को समझने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। यही व्यवस्था इस संस्थान को राज्य के अन्य आईटीआई संस्थानों से अलग पहचान दिलाती है।
समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बीएसएल की यह पहल केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं और विस्थापित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से बीएसएल क्षेत्र के समावेशी विकास तथा राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को लगातार मजबूत कर रहा है।

