Bokaro: पेटरवार प्रखंड के पिछड़ी गांव की रहने वाली पूनम देवी के परिवार के लिए पिछले एक महीने से अधिक समय बेहद दर्द और संघर्ष से भरा रहा। 14 जून 2026 को उनके पति संजय महतो की बिजली का फ्यूज जोड़ने के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य अचानक चले जाने के बाद घर पर आर्थिक संकट के साथ भविष्य की चिंता भी गहरा गई। हर दिन नई मुश्किलें सामने थीं और परिवार असहाय महसूस कर रहा था।

समाहरणालय पहुंची पीड़िता, उपायुक्त ने सुनी पूरी व्यथा
मंगलवार को पूनम देवी अपनी पीड़ा लेकर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा से मिलीं। उन्होंने हादसे के बाद परिवार की स्थिति और सामने आ रही परेशानियों से उपायुक्त को अवगत कराया। मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सक्रिय किया और जीओ मोबाइल कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कराया।

मानवीय आधार पर मिली आर्थिक सहायता
उपायुक्त के प्रयासों के बाद जीओ मोबाइल कंपनी ने मानवीय आधार पर पूनम देवी को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। यह मदद ऐसे समय में मिली, जब परिवार को इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी। सहायता राशि मिलने के बाद पूनम देवी भावुक हो गईं और जिला प्रशासन तथा उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि कठिन समय में जीने का हौसला भी है।
बच्चे के भविष्य की चिंता भी प्रशासन ने की दूर
उपायुक्त अजय नाथ झा ने केवल तत्काल राहत तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बच्चे को मुख्यमंत्री बाल प्रायोजन योजना से जोड़ते हुए प्रतिमाह 4,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। इसके अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी को बच्चे का डीएवी कथारा में नामांकन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पिता की असमय मृत्यु के बावजूद उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
अधूरे अंबेडकर आवास को जल्द पूरा करने का निर्देश
पूनम देवी के परिवार को स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने पेटरवार के बीडीओ को स्वीकृत अंबेडकर आवास के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का निर्देश भी दिया, जिससे परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके।
“संवेदना नहीं, हरसंभव सहयोग प्रशासन की जिम्मेदारी”
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने कमाऊ सदस्य को खोना सबसे बड़ी त्रासदी होती है। ऐसे समय में प्रशासन की भूमिका केवल संवेदना व्यक्त करने तक सीमित नहीं रह सकती। प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार को सरकार की सभी पात्र कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से दिलाया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवन आगे बढ़ा सकें।

