Bokaro: बोकारो स्टील सिटी में नगर प्रशासन विभाग (सिविल अनुभाग) ने उन आवासीय ब्लॉकों को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जिन्हें क्षतिग्रस्त घोषित किया जा चुका है। इन ब्लॉकों की सूची नगर प्रशासन विभाग के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की गई है। इनमे सबसे ज्यादा ब्लॉकों की संख्या सेक्टर 12 की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इमारतों के गिरने की प्रबल संभावना है, जिससे जान-माल की भारी क्षति हो सकती है। ऐसे में इन आवासों में रहना अब सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। इसलिए इसे तुरंत खाली करें।

कुल 170 ब्लॉकों को किया गया चिह्नित
नगर प्रशासन विभाग के अनुसार शहर के विभिन्न सेक्टरों में कुल 170 ब्लॉकों को क्षतिग्रस्त श्रेणी में चिह्नित किया गया है। जिनमे करीब 149 ब्लॉक सेक्टर 12 में है। इनमें सेक्टर-6 के 19 ब्लॉक, सेक्टर-9 का एक ब्लॉक और सेक्टर-2 का एक ब्लॉक शामिल है। इन सभी भवनों की स्थिति को देखते हुए उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। See Video-
सुरक्षा के मद्देनजर आवास खाली करना जरूरी
बीएसएल के चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन, मणिकांत धान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन सभी क्षतिग्रस्त आवासों को ध्वस्त किया जाना तय है। इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित आवंटनधारियों से जल्द से जल्द अपने आवास खाली करने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

नए आवास आवंटन की प्रक्रिया होगी शुरू
प्रबंधन ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक आवास के आवंटन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी शीघ्र जारी की जाएगी। आवास का आवंटन कंपनी के नियमों और उपलब्ध खाली क्वार्टरों के आधार पर किया जाएगा।
लाइसेंस नवीकरण कराने वालों को ही मिलेगा स्थानांतरण
नगर प्रशासन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल उन्हीं पूर्व कर्मचारियों को आवास स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी, जिन्होंने अपने आवास का लाइसेंस नवीकरण करा लिया है। जिन आवंटनधारियों ने अभी तक लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया है, उनसे जल्द नवीनीकरण कराने की अपील की गई है।
दुर्घटना होने पर स्वयं होंगे जिम्मेदार
प्रबंधन ने सभी आवंटनधारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति निर्देशों का पालन नहीं करता और इस दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। ऐसे मामलों में प्रबंधन किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।

