Bokaro: इस्पात मंत्रालय अपने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE) के साथ 16-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग ले रहा है।

मंत्रालय ने शिखर सम्मेलन में खनन और इस्पात क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं को प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष स्टॉल स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को आमंत्रित करना है ताकि वे इस्पात मूल्य श्रृंखला में दक्षता, उत्पादकता, स्थिरता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए व्यावहारिक और प्रभावी समाधान विकसित कर सकें।
यह पहल भारत के औद्योगिक परिवर्तन को गति देने, प्रौद्योगिकीय नेतृत्व को सुदृढ़ करने और नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है।

इस मंच के माध्यम से, मंत्रालय इस्पात क्षेत्र के सामने आने वाली वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने के लिए उद्योग के हितधारकों और उभरते प्रौद्योगिकी उद्यमों के बीच सार्थक साझेदारी बनाने का प्रयास कर रहा है।
इस्पात मंत्रालय एआई स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को इस संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस सेक्टर के लिए समाधान विकसित करने में सहयोग के लिए आमंत्रित करता है। ऐसी साझेदारियों से प्रौद्योगिकीय रूप से उन्नत, नवाचार-केन्द्रित और आत्मनिर्भर भारत की व्यापक परिकल्पना को साकार करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
शिखर सम्मेलन के हिस्से के रूप में, इस्पात सचिव इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (एसएआईएल) और एनएमडीसी लिमिटेड सहित सीपीएसई के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों (सीएमडी) के साथ एआई स्टार्टअप्स के साथ एक विशेष संवादमूलक सत्र आयोजित करेंगे। यह सत्र 18 फरवरी, 2026 को सुबह 11:30 बजे से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के प्रदर्शनी हॉल संख्या 5, प्रथम मंजिल, सम्मेलन हॉल संख्या 1 में आयोजित किया जाएगा। इस संवाद का उद्देश्य एआई-आधारित समाधानों को बढ़ावा देना और इस्पात एवं खनन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए गए इन समाधानों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
मंत्रालय नवप्रवर्तकों को अपने एआई-आधारित समाधानों को आगे लाने के लिए प्रोत्साहित करता है कि जिससे कि सेक्टरवार चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिल सके और वे भारत के एआई-संचालित इस्पात सेक्टर रूपातंरण में साझीदार बन सकें।

