Bokaro: सेल की प्रतिष्ठित इकाई बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने अपने बहुप्रतीक्षित ‘ब्राउनफील्ड विस्तार (Brownfield Expansion)’ प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को अब दो विशेष ‘इनेबलिंग पैकेज (Enabling Package)’ के माध्यम से शुरू कर दिया गया है। भारी-भरकम निवेश वाली इस विस्तार योजना से न केवल संयंत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी।
एक साल की देरी..
बता दें कि 28 जनवरी 2025 को केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना की औपचारिक घोषणा की थी। उस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि बीएसएल के इस विस्तार कार्य में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में अहम मानी जा रही इस परियोजना का उद्देश्य हॉट मेटल उत्पादन क्षमता को मौजूदा 5.25 एमटीपीए से बढ़ाकर 7.55 एमटीपीए करना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को लंबे समय तक जकड़े..
यह विस्तार इस्पात क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर 2,500 स्थायी और करीब 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि मंत्री की घोषणा के बाद परियोजना रफ्तार पकड़ने से पहले ही ठहर सी गई। विस्थापन आंदोलन, जनसुनवाई में विरोध, सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों ने इस महत्वाकांक्षी योजना को लंबे समय तक जकड़े रखा।

जाते-जाते ऐसे वापस ट्रैक पर आया विस्तारीकरण प्रोजेक्ट..
जब लोग उम्मीदें छोड़ने लगे थे और सेल बर्नपुर, दुर्गापुर व राउरकेला के विस्तार पर आगे बढ़ चुका था, तब दिसंबर 2025 में वर्तमान डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रिय रंजन (Priya Ranjan) और ईडी वर्क्स अनूप दत्त (Anup Dutt) की पहल से इस परियोजना को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश शुरू हुई। उन्होंने सेल चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश सहित इस्पात मंत्रालय के समक्ष परियोजना को धरातल पर उतारने की गुजारिश की और मिल रहे सहयोग से अवगत कराया, जिससे सकारात्मक माहौल बना। आप पढ़ रहे है कर्रेंटबोकारो। अब इसी क्रम में परियोजना को पुनः ट्रैक पर लाते हुए शुरुआती चरण के कार्यों के लिए बीएसएल प्रबंधन ने निविदाएं जारी कर दी हैं।
ये है विस्तारीकरण के पहले दो काम, टेंडर निकला
पैकेज-1 (नवीनीकरण कार्य): 6.61 करोड़ रुपये की लागत से स्लैबिंग मिल ऑफिस, जीएम स्टील फाउंड्री ऑफिस और ईटीबी बिल्डिंग का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल, आईटी-लैन नेटवर्किंग और अत्याधुनिक एचवीएसी (HVAC) सिस्टम की स्थापना शामिल है। यह कार्य 6 माह में पूरा करने का लक्ष्य है।आप पढ़ रहे है कर्रेंटबोकारो। पैकेज-2 (ध्वस्तीकरण और साइट क्लीयरेंस): 10.33 करोड़ रुपये की लागत से पुराने शेड, अनुपयोगी इमारतों और ढांचों को हटाने का काम होगा। इसमें सीईडी बिल्डिंग, डाटा सेंटर-2 और टीपी-11 सबस्टेशन जैसे बड़े ढांचे शामिल हैं। इस कार्य को 8 माह के भीतर पूरा किया जाना है।
बिना किसी बाधा के यह विस्तार कार्य..
पर्यावरण और सुरक्षा का विशेष ध्यान परियोजना के लिए एम.एन. दस्तूर (M N Dastur) एंड कंपनी को सलाहकार नियुक्त किया गया है। ध्वस्तीकरण के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए वाटर स्प्रे का निरंतर उपयोग अनिवार्य किया गया है। आप पढ़ रहे है कर्रेंटबोकारो। साथ ही, पुराने मलबे और स्टील के निस्तारण के लिए भी कड़े मानक तय किए गए हैं। संयंत्र की चालू प्रक्रियाओं में बिना किसी बाधा के यह विस्तार कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

