Bokaro: बोकारो के बियाडा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड डाउनस्ट्रीम स्टील कॉम्प्लेक्स को लेकर बड़ी रणनीतिक पहल के बीच बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (BMW Industries Limited) ने दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 2025-26 के नौ माह के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी ने इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये का ऋण सुरक्षित किया है, जबकि तिमाही आधार पर मुनाफे में सुधार के संकेत भी मिले हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 16,378 लाख रुपये रही, जो सालाना आधार पर 10.1 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 11.4 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान ईबीआईटीडीए 4,017 लाख रुपये रहा, जिसमें सालाना 7.7 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, मार्जिन में दबाव बना रहा और ईबीआईटीडीए मार्जिन घटकर 24.5 प्रतिशत रह गया।
तीसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (PAT) तिमाही आधार पर 16.3 प्रतिशत बढ़कर 1,761 लाख रुपये पहुंच गया। कंपनी का पीएटी मार्जिन 10.8 प्रतिशत रहा, जबकि डायल्यूटेड ईपीएस 0.78 रुपये दर्ज किया गया। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के नौ माह की बात करें तो कंपनी की कुल आय 2.7 प्रतिशत घटकर 46,428 लाख रुपये रही। इस अवधि में ईबीआईटीडीए 11,545 लाख रुपये रहा, जबकि पीएटी में सालाना आधार पर 16.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 4,796 लाख रुपये रह गया।

परिचालन मोर्चे पर सीआरएम (कोल्ड रोल्ड मिल) ऑपरेशंस में सुधार देखने को मिला। तिमाही आधार पर डिस्पैच में 18.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
कंपनी ने बताया कि बोकारो में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड डाउनस्ट्रीम स्टील कॉम्प्लेक्स का चरणबद्ध कमीशनिंग वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में होने की संभावना है। इस परियोजना के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 500 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। कंपनी का कहना है कि इससे वह कन्वर्जन आधारित मॉडल से आगे बढ़कर एक इंटीग्रेटेड डाउनस्ट्रीम स्टील प्रोसेसिंग कंपनी के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगी।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का नेट डेब्ट 23,231 लाख रुपये रहा, जबकि नेट डेब्ट-इक्विटी अनुपात 0.30 पर है, जो फिलहाल संतुलित स्थिति को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोकारो परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कंपनी की आय में विविधता आएगी और परिचालन स्थिरता बढ़ेगी। हालांकि, परियोजना में देरी, स्टील बाजार की अस्थिरता और बढ़ते कर्ज के प्रबंधन जैसे जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा। आने वाले एक से तीन वर्षों में बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज की रणनीतिक दिशा और बोकारो प्लांट की प्रगति निवेशकों के लिए अहम रहेगी।


