Bokaro: ज़िले के 14 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम कोरोना मरीजों से अत्यधिक शुल्क वसूलने के आरोप में जांच के घेरे में आ गए हैं. कई कोरोना मरीजों और उनके परिवारवालों ने निजी अस्पतालों पर इलाज के लिए सरकार द्वारा घोषित दरों का उल्लंघन कर अत्यधिक शुल्क लने का आरोप लगाया है. संकट के इस घड़ी में राज्य सरकार के आदेश के बाद प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना मरीजों के लिए दरवाजा तो खोला, पर लोगो से इलाज के नाम पर जैसी वसूली की वह पीड़ादायक है। कई लोग दुखी है। (जिला स्वास्थ विभाग के छापामारी दल के सदस्य डॉक्टर एन पी सिंह का उक्त मामले में ब्यान: नीचे वीडियो में जरूर सुने)
यह मामला और भी गंभीर तब हो गया जब ख़ुफ़िया विभाग ने उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को कोरोना रोगियों के इलाज के लिए निजी अस्पताल और निजी नर्सिंग होम द्वारा शुल्क वसूलने में की जा रही मनमानी की बात बताई। राज्य सरकार के खुफिया विभाग ने जिला प्रशासन को सूचित करते हुए बताया है कि बोकारो में निजी अस्पताल और निजी नर्सिंग होम इलाज के लिए पैकेज सिस्टम बनाकर निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क ले रहे हैं.

ख़ुफ़िया विभाग के रिपोर्ट में यह बताया गया है कि निजी अस्पताल सामान्य बेड के लिए 15,000 रुपये, ऑक्सीजन बेड के लिए 20,000 रुपये और वेंटिलेटर बेड के लिए 43,000 रुपये प्रति मरीज प्रति दिन चार्ज करते हैं।
खुफिया विभाग ने इन अस्पताल और नर्सिंग होम के नाम भी भेजे हैं – देवांश अस्पताल फोर लेन रोड चास स्थित, रानी सुपर स्पेशलिस्ट, ममरकुदर चास, शिव शक्ति नर्सिंग आईटीआई चास, सिटी केयर हॉस्पिटल चेक पोस्ट, चास, आदित्य सेवा सदन कोआपरेटिव कॉलोनी, खुशी नर्सिंग होम, कोआपरेटिव कॉलोनी, कृष्णा नर्सिंग होम, कोआपरेटिव कॉलोनी, वेलमार्क, जैन अस्पताल, सेक्टर-9, शिव अस्पताल सेक्टर -4, ग्लोबल अस्पताल, सेक्टर-9, लाइफ कयाल अस्पताल जैनामोड़, मदर नर्सिंग होम, जैनामोड़ और सेंट ओपल अस्पताल जैनामोड़।
डीसी बोकारो राजेश सिंह ने इंसिडेंट कमांडरों को अपने क्षेत्र के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में कोरोना मरीजों द्वारा किए गए भुगतान का सत्यापन करने और इस संबंध में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया हैं. एसपी, चंदन कुमार झा ने भी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और थाना प्रभारी को अपने इलाको में उक्त निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकायते मिलने पर तुरंत क़ानूनी कार्यवाही करने को कहा है.
बता दे कि राज्य सरकार ने अस्पतालों को तीन कैटेगरी में बांटकर रेट तय किए हैं। बोकारो राज्य के चार महत्वपूर्ण शहरों में से एक होने के कारण ए श्रेणी में रखा गया है। रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद और बोकारो के वह अस्पताल जो एनएबीएच से मान्यता प्राप्त हैं, को ऑक्सीजन बेड के लिए प्रति दिन 8,000 रुपये, गैर-वेंटिलेटर आईसीयू के लिए प्रति दिन 10,000 रुपये चार्ज करने की अनुमति दी है। और वेंटिलेटर आईसीयू के लिए प्रतिदिन 12,000 रुपये।
जो एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड के लिए प्रति दिन 7,500 रुपये, नॉन-वेंटिलेटर आईसीयू के लिए 9,000 रुपये प्रति दिन और वेंटिलेटर आईसीयू के लिए प्रति दिन 11,500 रुपये चार्ज करने की अनुमति दी है। संपर्क करने पर, अधिकतर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम, जो जांच के दायरे में हैं, ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया।
गौरतलब है की इन अस्पतालों की सूची में शहर के चास के दो बड़े प्राइवेट अस्पताल – मुस्कान और के एम् मेमोरियल – का नाम नहीं है। इनके खिलाफ शिकायतें भी नहीं है।
