Bokaro: ज़िले के बालीडीह स्तिथ इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित हो रहे BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति के लिए रणनीतिक समझौता किया है। यह समझौता कोलकाता स्थित ईस्टर्न रीजन पाइपलाइंस (ERPL) मुख्यालय में संपन्न हुआ।

बोकारो यूनिट को मिलेगी PNG सप्लाई
BMW कंपनी प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह साझेदारी बोकारो में स्थापित होने वाली BMW इंडस्ट्रीज की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पाइप्ड नेचुरल गैस उपलब्ध कराने के लिए की गई है। इस समझौते का उद्देश्य उद्योग में स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक दक्ष ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना है।
कार्बन फुटप्रिंट कम करने पर जोर
इस पहल से कंपनी के उत्पादन कार्यों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। प्राकृतिक गैस के उपयोग से न सिर्फ पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा बल्कि संचालन लागत और ऊर्जा दक्षता में भी सुधार होने की उम्मीद है।

एमडी हर्ष बंसल ने जताई खुशी
BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि इंडियन ऑयल के साथ यह सहयोग कंपनी की टिकाऊ औद्योगिक प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के साथ यह साझेदारी स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्टील सेक्टर में अग्रणी कंपनी
BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड स्टील सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी स्टील वैल्यू चेन के कई क्षेत्रों में काम करती है और डाउनस्ट्रीम स्टील उत्पादों के निर्माण व प्रोसेसिंग सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी HRPO कॉइल, CR कॉइल, GP कॉइल, GC शीट्स, MS और GI पाइप तथा TMT रिबार जैसे उत्पादों का निर्माण करती है। वर्ष 1981 में स्थापित इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में है, जबकि इसके निर्माण संयंत्र पश्चिम बंगाल और झारखंड में संचालित हैं। बोकारो में कंपनी का सेल (SAIL) के साथ एक संयुक्त उद्यम भी है।
Bokaro में BMW स्टील यूनिट
BMW अब कन्वर्जन आधारित मॉडल से आगे बढ़कर एकीकृत डाउनस्ट्रीम स्टील प्रोसेसिंग कारोबार की ओर कदम बढ़ा रही है। इस योजना के तहत कंपनी बोकारो में लगभग 803 करोड़ रुपये की लागत से 40 एकड़ मुख्य भूमि और 5 एकड़ में स्टील यूनिट की स्थापना कर रही है। बोकारो के इस संयंत्र में गैल्वनाइज्ड, गैल्वाल्यूम, जेडएएम (जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम) और कलर-कोटेड स्टील जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। प्रबंधन के अनुसार परियोजना की प्रगति तय समय के अनुसार चल रही है और इसके पहले चरण का कमीशनिंग अप्रैल 2026 तक होने की संभावना है, जबकि सभी उत्पादन लाइनें वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से चौथी तिमाही के बीच चालू हो जाएंगी।

